पिता अपनी बेटी की खोजबीन के लिए भटकता रहा, लेकिन बांदा और दिल्ली पुलिस ने उसकी एक न सुनी। पुलिस की ढिलाई के कारण किशोरी को अगवा कर आरोपी बांदा लेकर पहुंच गए। यहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। समय रहते यदि पुलिस चेत जाती तो नाबालिग की आबरू बच सकती थी। मामले में बांदा पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। एएसपी ने बताया कि बेटी के लापता होने पर पिता ने दिल्ली पुलिस से गुहार लगाई थी लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं की गई। एएसपी ने बताया कि बांदा जिले में किशोरी बरामद हुई लेकिन वहां की पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इस पर उन्होंने किशोरी को यहां लेकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
बीमार हो गई पीड़िता तो उसे घर से भगा दिया
पीड़िता के साथ अत्याचार किए गए। एएसपी ने बताया कि आरोपी उसे घर से न निकलने देते थे। उसे घर में कैद करके रखा जाता था ताकि वह भाग न सके। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। कभी-कभी खाना भी नहीं दिया जाता था। इस वजह से वह काफी कमजोर व बीमार हो गई। बताया कि किशोरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका इलाज चल रहा है। तबीयत में कुछ सुधार होने पर फिर से पूछताछ की जाएगी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुलेंगी परतें
किशोरी 2017 में दिल्ली गई थी, तब उसके साथ यह घटना हुई थी। हालांकि किस तारीख को गई थी, यह किशोरी व उसके परिवार वाले नहीं बता पाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे घटनाक्रम का सच सामने आएगा।
विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक