साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से वर्ष 2015 में देहरादून में साइबर थाने की स्थापना हुई थी। यहां हर रोज लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। साइबर थाने में सात लाख रुपये से अधिक के फ्रॉड के मामले दर्ज किए जाते हैं। लेकिन, वर्तमान में यहां पर जीरो एफआईआर दर्ज होने लगी हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि वर्तमान में यहां पर हर रोज करीब चार से पांच शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें ज्यादातर मामलों में लोगों के पैसे वापस करा दिए जाते हैं। लेकिन, बाकी में एफआईआर दर्ज करा दी जाती है।
साइबर ठगों के कुछ पैंतरे
- बैंक अधिकारी बनकर जान लेते हैं ओटीपी।
- फेसबुक पर लॉटरी का देते हैं लालच।
- एटीएफ क्लोनिंग कर उड़ा लेते हैं खाते से रकम।
- लॉटरी में कस्टम के नाम पर मांगते हैं पैसा।
- क्यूआर कोड भेजकर मांगते रकम।
यह है स्थिति
वर्ष - शिकायतें - मुकदमे
2018 - 736 - 61
2019 - 1308 - 28
2020 - 2119 - 69
2021 - 182(अब तक) - --
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो साइबर ठगी से बचा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि जिस एप, वेबसाइट आदि पर आप काम कर रहे हैं उसकी सही जानकारी हो। इसके लिए कुछ बातें ध्यान में रखने की जरूरत है...
- कभी भी अपनी व्यक्तिगत या बैंक डिटेल्स फोन व वाट्सअप कॉल पर किसी से भी साझा न करें। कोई भी बैंक या वॉलेट आपको फोन कर आपकी बैंकिग डिटेल नहीं मांगता।
- गूगल या अन्य किसी सर्च इंजन पर किसी कंपनी/बैंक का कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें। कस्टमर केयर का नंबर संबंधित कंपनी/बैंक की अधिकारिक वेबसाइट से ही देखें।
- कभी भी किसी से अपने डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर न करें।
- फेसबुक, मेट्रीमोनियल साइट्स, डेटिंग एप व अन्य सोशल साइट्स में किसी भी अज्ञात व्यक्ति/महिला से मित्रता न करें न ही उसके बहकावे में आएं।