रायबरेली। मानसिक बीमार बालिका से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दो दोषियों को पॉक्सो कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश विजय पाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
एक दुष्कर्मी पर 10 हजार और दूसरे पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आठ माह में ही मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बच्ची को न्याय दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) वेदपाल सिंह, योगेश मिश्र व लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता की मां ने थाना डीह में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार सात अगस्त 2021 को गुड्डू व राज ने वादी की मानसिक बीमार नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया। साथ ही उसकी अश्लील फोटो भी वायरल कर दी।
पुलिस ने विवेचना के बाद अली अकबर उर्फ गुड्डू व राज रैदास के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो, एससी/एसटी व आईटी एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अली अकबर को उम्रकैद के साथ 10 हजार रुपये और फोटो वायरल करने वाले राज को उम्रकैद के साथ 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस अधीक्षक ने प्रभावी पैरवी को सराहा
मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब आठ माह में ही दुष्कर्मियों को सजा सुनाए जाने पर एसपी श्लोक कुमार ने संतोष जताया।
एसपी ने मामले में तेजी से पैरवी कर सजा दिलाने के लिए शासकीय अधिवक्ताओं व पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की सराहना की। गौरतलब है कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब 15 दिन बाद ही सीओ सलोन इंद्रपाल सिंह ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।