रायबरेली। जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे देवीमंगल सिंह मजरे सिंघापुर गांव में हत्या के 11 साल पुराने एक मामले में दोषसिद्ध होने पर न्यायालय ने चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव ने आरोपियों को सजा सुनाने के साथ ही चारों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) दिनेश श्रीवास्तव के मुताबिक मामले की रिपोर्ट जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे देवी मंगल सिंह मजरे सिंघापुर निवासी छेदीलाल ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार एक सितंबर 2010 को वादी अपनी ससुराल गया था। सूचना मिली कि भाई मेवा लाल के साथ मारपीट हुई है। इस पर वादी घर आया तो परिवारीजनों से पता चला कि दुकान पर रामशंकर, कमलेश मौर्या, रामकिशोर व बृजेश कुमार से कहासुनी हुई।
चारों ने मेवालाल को मारा-पीटा। जब मेवालाल भागा तो उसे जगत सिंह का पुरवा में अभियुक्तों ने मारपीट कर बाइक पर बैठा ले गए। बाद में मेवालाल का शव उंडवा गांव में मिला।
पुलिस ने विवेचना के बाद रामशंकर, कमलेश, रामकिशोर व बृजेश कुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर चारों अभियुक्तों को दोषी पाया।
कोर्ट ने आजीवन कारावास के साथ ही 30-30 हजार का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर 80 फीसदी धनराशि वादी को देने का भी आदेश दिया है।