रायबरेली। करीब साढ़े छह महीने से विद्यालय आवंटन की राह देख रहे 82 अध्यापकों का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। वैसे तो मंगलवार को उन्हें विद्यालय आवंटित हो जाना चाहिए था, लेकिन वेबसाइट न चलने और तकनीकी खामियों से काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक शिक्षक भटकते रहे। देर शाम वेबसाइट चालू हुई तो काउंसिलिंग प्रक्रिया फिर शुरू कराई गई।
मार्च महीने में पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण में 82 शिक्षक गैर जनपदों से यहां आए थे, जिन्हें बीएसए दफ्तर में ज्वाइन कराया गया था। इसमें 41 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल हैं। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया के अंतर्गत स्थानांतरित एवं कार्यभार ग्रहण करने वाले अध्यापकों को 12 अक्तूबर को विद्यालय आवंटित करने का निर्देश दिया था।
इस पर बीएसए दफ्तर में मंगलवार सुबह से शाम तक अध्यापक इंतजार करते रहे, लेकिन वेबसाइट नहीं चली। शाम 7 बजे वेबसाइट शुरू हुई, लेकिन रात 9 बजे तकनीकी कारणों से वेबसाइट बाधित हो गई। तब तक महज 37 शिक्षकों की ही काउंसिलिंग हो पाई थी।
दोबारा काउंसिलिंग होगी या नहीं, इस बाबत दिशानिर्देश नहीं जारी किए गए। इस पर बुधवार को विद्यालय आवंटन की संभावना को देखते हुए सुबह से ही बीएसए दफ्तर में शिक्षकों का जमावड़ा लग गया। जिनकी काउंसिलिंग हो चुकी थी, उनके संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया। इससे वे भी परेशान नजर आए।
विभागीय अधिकारी काउंसिलिंग की तैयारियों में लगे रहे। शाम लगभग 6.30 बजे फिर वेबसाइट चली तो काउंसिलिंग शुरू कराई गई। इसमें पहले महिलाओं फिर पुरुषों ने भाग लिया। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तकनीकी खामी और वेबसाइट बाधित होने से मंगलवार को विद्यालय आवंटन की काउंसिलिंग पूरी नहीं हो सकी थी। बुधवार की शाम काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हुई। देर रात तक काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।