रायबरेली। इस वर्ष का आचार्य स्मृति दिवस कोरोना योद्धाओं को समर्पित रहा। इस मौके पर कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया। ये सम्मान महराष्ट्र, मणिपुर, पंजाब, नई दिल्ली प्रांत के लोगों को प्रदान किए गए।
फिरोज गांधी महाविद्यालय के इंदिरा गांधी सभागार में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की ओर से रविवार को देर शाम आयोजित आचार्य स्मृति दिवस समारोह में साहित्यकार, समाजसेवी, शिक्षक समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
समारोह में कोरोना संकट के दौरान समाज की अनुकरणीय सेवा करने वाले विभिन्न राज्यों के योद्धाओं को सम्मानित किया गया। नासिक (महाराष्ट्र) के श्रद्धा श्रंगारपुरे और राहुल तिवरेकर को डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लोक सेवा सम्मान दिया गया। पटियाला (पंजाब) के हरजीत सिंह गिल को प्रभाष जोशी स्मृति सम्मान दिया गया।
शिवानंद मिश्र लाले स्मृति सम्मान से इंफाल (मणिपुर) के मथनमी हुंग्यो को सम्मानित हुए। लखनऊ की वर्षा वर्मा का नागरिक अभिनंदन किया गया। संयोजक विनय द्विवेदी ने समिति की स्थापना से अब तक के सफर पर प्रकाश डाला। समिति अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
नहीं आए जितेंद्र सिंह शंटी
समारोह में पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी को आचार्य द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान दिया जाना था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। समिति के महामंत्री अनिल मिश्र ने बताया कि शंटी को पद्मश्री सम्मान मिलना है, जिससे वह यहां नहीं आ सके। उन्हें आचार्य द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान बाद में पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने अपना वीडियो संदेश भेजा है।
आचार्य पथ का हुआ विमोचन, काव्यांजलि
समारोह के दौरान समिति की ओर से प्रकाशित होने वाली आचार्य पथ स्मारिका का विमोचन भी किया गया। स्मारिका में आचार्य द्विवेदी पर केंद्रित कई लेख समाहित किए गए हैं। समारोह के दूसरे सत्र में आयोजित काव्यांजलि में कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कोरोना योद्धाओं के साथ निकाली गई शोभायात्रा
समारोह से पहले कोरोना योद्धाओं के साथ सुपर मार्केट से शोभायात्रा निकाली गई, जो हाथी पार्क, कचहरी रोड, शहीद चौक होते हुए आयोजन स्थल पहुंची। शोभायात्रा में पीएसी बैंड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट गाइड, विभिन्न संगठनों के लोग शामिल रहे। रास्ते में कई जगह स्वागत हुआ। जगह-जगह तोरण द्वार लगाए गए।