रायबरेली। जिले में गुरुवार को कोरोना संक्रमित चार मरीजों ने दम तोड़ दिया। इन सभी का रेल कोच फैक्टरी स्थित एल-टू अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहीं पॉजिटिव मरीजों की संख्या में एकाएक उछाल दर्ज किया गया।
कई दिनों तक 100 से कम मरीज मिलने के बाद गुरुवार को जांच में 264 लोग कोरोना संक्रमित मिले। 386 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज भी किया गया है। 1492 एक्टिव मरीजों में 971 मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में अटावां छतोह, लालगंज, सत्यमपुर, ओनई के मरीजों को भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान चार मरीजों ने दम तोड़ दिया है।
गुरुवार को जिले में टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर 4476 लोगों की जांच की। इसमें महज 264 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कई दिनों बाद अचानक संक्रमित मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन पहले से कोरोना संक्रमित 386 मरीज स्वस्थ भी हो गए।
1492 एक्टिव मरीजों में 971 मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। रेलकोच के एल-2 अस्पताल में 123 और एम्स के एल-3 अस्पताल में 23 मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।
वैक्सीन को बर्बाद होने से बचाने के लिए छह बजे तक टीकाकरण
गुरुवार को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में हो रहे टीकाकरण के दौरान छह वॉयल वैक्सीन को बर्बाद होने से बचाने के लिए शाम छह बजे तक टीकाकरण किया गया।
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय ने बताया कि शाम को पौने पांच बजे चार लोगों को टीका लगाने के लिए वैक्सीन को खोला गया। एक शीशी में 10 लोगों को टीका लगाने की वैक्सीन होती है।
चार लोगों को टीके लगने के बाद छह लोगों को लगने वाले टीके की वैक्सीन को बर्बाद होने से बचाने के लिए शाम छह बजे तक अभियान चलाया गया। लोगों को बुलाकर वैक्सीन लगाई गई। जिला अस्पताल में 228 लोगों को कोविशल्ड और 100 लोगों को को-वैक्सीन लगाई गई।