रायबरेली। विधानसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद नौ जनवरी को नीली बत्ती, भाजपा का झंडा और खुद की फोटो के स्टीकर लगी गाड़ी से जिला अस्पताल में जॉइन करने पहुंचीं सीएमएस डॉ. नीता साहू के भ्रामक जवाब से अफसर भी सकते में हैं।
जिस गाड़ी से आकर उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया, वह गाड़ी एआरटीओ प्रयागराज में सीएमएस के नाम से ही पंजीकृत है। जबकि सीएमएस ने जवाब में लिखा है कि गाड़ी उनके भाई के नाम दर्ज है।
छुट्टी का दिन होने के कारण वह भाई की गाड़ी से यहां जॉइन करने आ गईं थीं। गाड़ी से भाई लखनऊ जा रहे थे। सीएमएस का जवाब आने केे बाद सीएमओ ने आयोग का रिपोर्ट भेजी है। अब मामले में आयोग निर्णय लेगा।
पुरुष जिला चिकित्सालय में तैनात सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का गैर जनपद तबादला हो गया था। इसके बाद डॉ. नीता साहू सीएमएस बनीं। नौ जनवरी को उन्होंने सीएमएस का पद संभाला था।
वह जिस गाड़ी से जॉइन करने पहुंचीं थीं, उस चार पहिया गाड़ी (यूपी 70 डीएन 0063) पर भाजपा का झंडा और स्टीकर चस्पा था। स्टीकर में डॉ. नीता योगिनी वरिष्ठ समाजसेवी, प्रयागराज लिखा हुआ था और उनकी फोटो लगी हुई थी। गाड़ी में नीली बत्ती भी लगी थी।
आचार संहिता उल्लंघन के मामले में डीएम ने सीएमओ को जांच सौंपकर सीएमएस से जवाब मांगा था। सीएमएस ने अपने जवाब में लिखा है कि नीली बत्ती व भाजपा का झंडा लगी गाड़ी भाई की है, जबकि एआरटीओ प्रयागराज में यह गाड़ी सीएमएस के नाम ही पंजीकृत है।
सीएमएस डॉ. नीता साहू का कहना है कि आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है। छुट्टी का दिन होने के कारण भाई की गाड़ी के साथ चार्ज लेने आ गई थी।
जिला अस्पताल की नवागत सीएमएस ने अपना जवाब दे दिया है। उन्होंने बताया है कि गाड़ी भाई की है। इमरजेंसी में उसी गाड़ी से आने की बात लिखी है। आचार संहिता का उल्लंघन न करने की बात भी लिखी है। आयोग को जवाब भेजा गया है। मामले में अब निर्णय आयोग लेगा।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ