कक्षा एक के बच्चों को ककहरा व गिनती तक न आने की बात सामने आई। कक्षा दो व तीन के बच्चे हिंदी तक नहीं पढ़ पाए। कक्षा पांच के बच्चे अंग्रेजी नहीं पढ़ पाए।
मामले में बीएसए ने नाराजगी जताते हुए पांच शिक्षकों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता न सुधरने पर निलंबन की चेतावनी दी।
बीएसए ने सोमवार को सतांव ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल आशानंदपुर व सरायं मुबारक का निरीक्षण किया। यहां 40 में मात्र 12 बच्चे मौजूद मिले।
कक्षा तीन की छात्रा नैना व मधू ही हिंदी पढ़ और लिख पाई। अन्य बच्चे हिंदी नहीं पढ़ पाए। कक्षा एक का कोई भी बच्चा ककहरा व गिनती नहीं पढ़ सका।
कक्षा चार और पांच के बच्चों की स्थिति भी बेहद खराब मिली। बच्चे अंग्रेजी नहीं पढ़ पाए। हिंदी भी ठीक से नहीं पढ़ पाए। शिक्षा की गुणवत्ता खराब मिलने पर बीएसए ने गहरी नाराजगी जताई।
आशानंदपुर की इंचार्ज हेडमास्टर अखिलेश कुमारी, शिक्षिका स्मृति, सराय मुबारक स्कूल की हेडमास्टर पुष्पलता, शिक्षिका सीता व शालिनी वर्मा को 15 दिन का समय दिया।
शिक्षा की गुणवत्ता न सुधरने पर निलंबित करने की चेतावनी दी है। बीएसए ने बताया कि 15 दिन बाद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को चेेक किया जाएगा। सुधार न मिलने पर कार्रवाई होगी।