गिलकैयापुर गांव में बालक की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। -संवाद
रायबरेली। खेती कार्य में लगे रोटावेटर की चपेट में आकर रविवार को आठ वर्षीय लकी की मौत हो गई। बालक की मौत की खबर से हर कोई गमगीन हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की।
गिलकैयापुर गांव निवासी राजू यादव रविवार सुबह रोटावेटर से खेत की जोताई करने गए थे। उनके साथ भतीजा लकी भी था। लकी ने ताऊ से ट्रैक्टर पर बैठने की जिद की। कई बार ताऊ ने चोट लगने की बात कहकर इन्कार कर दिया। बार-बार लकी के कहने पर ताऊ ने उसे ट्रैक्टर पर बैठा लिया।
बताते हैं कि हल्की बारिश के कारण फिसलन होने से लकी ट्रैक्टर से रोटावेटर पर जा गिरा। रोटावेटर की चपेट में आकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने बच्चे की चीख सुनकर शोर मचाया, जिसके बाद तत्काल ट्रैक्टर को रोका गया।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद रोटावेटर से बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बेटे की मौत की खबर घर पहुंची तो परिजन मौके पर आ गए।
सलोन कोतवाली प्रभारी बालेंदु गौतम ने बताया कि रोटावेटर की चपेट में आने से बालक की मौत हुई है। परिजनों की तरफ से कानूनी कार्रवाई कराने से मना कर दिया गया है।
घर का इकलौता था लकी
लकी कक्षा एक का छात्र था और घर में इकलौता बेटा था। इकलौते बेटे की मौत से पिता शिवमूरत फफक कर रो पड़ते हैं। कहते हैं कि यह सब कैसे हो गया। लकी हम सबका दुलारा था। उसके बिना हम सब कैसे जीएंगे। उसकी हंसी-ठिठोली से पूरे घर का माहौल खुशनुमा रहता था। भगवान का क्या बिगाड़ा था, जो इतना बड़ा गम दे दिया है। ताऊ राजू यादव भी गमगीन हैं। कहते हैं कि शायद उसे ट्रैक्टर पर न बैठाते तो यह दिन न देखना पड़ता। अन्य परिजन भी लकी की मौत से गमगीन हैं। ग्रामीण भी इस घटना से बेहद दुखी हैं।