रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन परिसर में मुख्य भवन के बाहरी परिसर में आवागमन के लिए बनी सड़कों का नवीनीकरण कराया जाएगा। अभी तक डामर वाली सड़कें और फर्श बनी है, जिसे उखाड़कर आरसीसी वाली यानी सीमेंटेड सड़कें बनाई जाएंगी। यह काम शुरू हो चुका है। यूनियन भवन और मंदिर के बीच वाले रास्ते की खोदाई करा दी गई है।
दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया गया है। यात्रियों के आवागमन में दिक्कत न हो, इसलिए थोड़े-थोड़े हिस्से को बनाया जाएगा। शहर के रेलवे स्टेशन परिसर में दाखिल होने के लिए मुख्य मार्ग से तीन गेट बने हैं, जिनमें दो मुख्य द्वार हैं। इनमें एक रास्ते से प्रवेश और दूसरे रास्ते से निकासी की व्यवस्था है। वाहनों का आना-जाना भी इन्हीं दोनों रास्तों से होता है।
तीसरा रास्ता सिर्फ पैदल यात्रियों के लिए है, क्योंकि मुख्य मार्ग की तरफ इस रास्ते पर लोहे के एंगल लगाए गए हैं। यह तीसरा रास्ता यूनियन भवन और मंदिर के बीच से होता हुए मुख्य स्टेशन भवन की तरफ जाता है। इसी रास्ते पर खोदाई कराने के बाद बैरिकेडिंग लगा दी गई है। वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) अरुण कुमार ने बताया कि स्टेशन परिसर में बाहरी हिस्से की जितनी भी डामरीकृत सड़कें हैं, उन सभी को सीमेंटेड किया जाना है।
बाहरी परिसर में जिस तरह आरसीसी फर्श तैयार करके कार पार्किंग बनाई गई है, उसी तरह परिसर में आवागमन वाले रास्ते बनेंगे। यह काम गति शक्ति को कराना है, जिसकी शुरुआत यूनियन भवन और मंदिर के बीच वाले रास्ते से हो चुकी है। धीरे-धीरे एक-एक हिस्से पर काम कराया जाएगा, ताकि यात्रियों को आवागमन में कोई असुविधा न होने पाए।
सीवर तक भूमिगत पाइप डालने के लिए खोदाई शुरू
रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन में प्लेटफार्म पर बने शौचालय में अक्सर गंदगी रहती है। बाहर बने चेंबर के ओवरफ्लो होने के कारण ज्यादा दिक्कत आती है। इस समस्या के निदान के लिए चेंबर को सीवर से जोड़ने का काम शुरू कराया गया है। चेंबर से सीवर के बीच भूमिगत पाइप बिछाने के लिए बाहरी परिसर की सड़क पर खोदाई शुरू करा दी गई है।
वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) विजय श्रीवास्तव का कहना है कि स्टेशन की जलनिकासी और शौचालय के लिए बनाए गए चेंबर के ओवरफ्लो होने के कारण अक्सर समस्या आती रहती थी। इसीलिए सीवर तक भूमिगत पाइप लाइन डालने का काम शुरू कराया गया है।