रायबरेली। गर्भवती महिलाओं के प्रसव के नाम पर अवैध वसूली करने पर सीएचसी सरेनी में तैनात स्टॉफ नर्स के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। चिकित्साधिकारी की शिकायत पर सीओ लालगंज अमित सिंह ने जांच की तो इसका खुलासा हुआ है।
ऊंचाहार सीएचसी में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार गौतम की तहरीर पर सरेनी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि स्टाफ नर्स दिव्या गर्भवती महिलाओं के प्रसव के बाद एक हजार और 1500 रुपये की अवैध वसूली करती थी। मना करने पर उनका स्थानांतरण कराने की धमकी देती थी।
प्रसूता शारदा देवी का प्राइवेट अस्पताल भारत अस्पताल लालगंज में 27 मई 2025 को प्रसव हुआ था, लेकिन जननी सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 800 रुपये लेकर स्टाफ नर्स ने सीएचसी सरेनी में प्रसव होने की बात रजिस्टर में अंकित कर दी, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।
गोपनीय रूप से लोगों ने बताया कि स्टाफ नर्स प्राइवेट अस्पतालों में प्रसूताओं को अपना कमीशन सेटकर सीएचसी सरेनी से भेज देती थी। मनमानी पर स्टाफ नर्स का अप्रैल का पूरे माह और जुलाई में सात दिनों का मानदेय भी रोका गया था। प्रसव के नाम पर स्टाफ नर्स ने लाखों रुपये की हेराफेरी की है। चिकित्साधिकारी की पहले तैनाती सरेनी सीएचसी में थी। उधर, सीओ ने बताया कि केस दर्ज कराया गया है। जांच कर मामले में कार्रवाई होगी।