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सीसीटीवी कैमरा ठीक होता तो चंगुल में फंस जाते हत्यारे

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रायबरेली। कैफे संचालक अंकुल की हत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, घटना से जुड़ी नई-नई बातें सामने आ रही हैं। जहां पर अंकुल का शव मिला, वहां लगा सीसीटीवी कैमरा अगर ठीक होता तो हत्यारे पुलिस के चंगुल में होते।
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अब पुलिस पता लगाने की कोशिश में है कि कैमरा हत्या के पहले खराब हुआ या बाद में खराब हुआ था। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने सोमवार देर शाम पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के डिडौली गांव निवासी अंकुल (30) की गत गुरुवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित त्रिपुला के पास मिला था।
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घटना के खुलासे के लिए एसओजी समेत पुलिस की तीन टीमें लगाई गईं। छुट्टी से लौटे एएसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने गांव जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर परिवार के सदस्यों से अलग-अलग बयान दर्ज किए।
एएसपी ने परिवारीजनों से पूछा कि अंकुल से घर पर कौन-कौन लोग मिलने आते थे? उनसे क्या बातें होती थीं? क्या किसी से कोई झगड़ा था? एएसपी ने मृतक की मां, भाई समेत अन्य परिवारीजनों से घंटों पूछताछ की।
अब तक हुई जांच में पाया गया कि युवक का जहां शव था, वहां सीसीटीवी कैमरा लगा था। जो खराब था। एएसपी के मुुताबिक कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
जांच में नहीं दिख रहा लूट का एंगल
घटना के बाद आरोप लगाया जा रहा था कि जिस समय अंकुल की हत्या हुई उसके पास करीब पांच लाख रुपये थे। पुलिस ने इस एंगल पर पड़ताल की, लेकिन अब तक की जांच में लूट की बात सामने नहीं आई है। वैसे तो पुलिस कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है, लेकिन मामले में करीबियों के इर्दगिर्द ही शक की सुई घूम रही है।
कैफे संचालक के पास कहां से आ रहा था धन
मृतक अंकुल कैफे चलाता था। कैफे से इतनी आमदनी नहीं होती थी कि वह गांव से नए स्थान पर बड़ा मकान बनवा पाए। उधार लिया पैसा भी चुकता कर चुका था। पुलिस पड़ताल कर रही है कि आखिर उसके पास से इतना धन आया कैसे था। इसकी जांच भी कराई जा रही है।
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