स्वास्थ्य विभाग के चर्चित एनआरएचएम घोटाले में सुबूत की तलाश में गुरुवार को सीबीआई की टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय छापेमारी की। टीम ने दस्तावेज खंगाले। अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की। करीब चार घंटे तक चली इस गहन छानबीन से विभाग में हड़कंप मचा रहा।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत हुए भारी-भरकम घोटाले में कहीं न कहीं जिले का नाम भी जुड़ा है। यही वजह है कि आए दिन यहां योजना का काम देख रहे अफसरों के आवासों और दफ्तर में छापेमारी की जा रही है।
गुरुवार को भी लखनऊ से आई सीबीआई की टीम ने सीएमओ दफ्तर में छापा मारा। सीबीआई के छापे की खबर से विभाग में खलबली मच गई। बताते हैं कि टीम ने सीएमओ दफ्तर के अंदर बने एक कमरे में बैठ कर योजना से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए।
इसके बाद इन दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। इस दौरान किसी और को अंदर आने-जाने की इजाजत नहीं थी। सीबीआई टीम ने योजना से जुड़े कई अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की। करीब चार घंटे तक छानबीन के बाद टीम लौट गई। जब तक टीम दफ्तर में मौजूद रही अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
आए दिन हो रही सीबीआई की छापेमारी से अफसरों के होश उड़े हैं। खासकर वे अफसर ज्यादा परेशान हैं, जो योजना से जुड़े काम देख रहे हैं। गुरुवार को स्थिति यह रही कि कोई अधिकारी या कर्मचारी मुंह खोलने तक को तैयार नहीं था।
यहां तक कि कई अफसरों ने तो मीडिया से इसलिए दूरी बना ली कि कहीं जांच के विषय में न पूछ लें। वहीं कुछ अफसर तो टीम के आने से इंकार दिया और पल्ला झाड़ गए।एनआरएचएम की जांच के लिए लखनऊ से सीबीआई के इंस्पेक्टर डॉ. जहीर की अगुवाई में टीम आई थी। टीम ने जो दस्तावेज उन्होंने मांगे, वे उपलब्ध करा दिए गए।