रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही गैस्ट्रो और हार्ट से संबंधित गंभीर मरीजों का इलाज शुरू होगा। कॉर्डियोलॉजी से संबंधित कैथलैब बनकर तैयार हो गई है।
जांच और इलाज के लिए मशीनें लग गईं हैं। कई विभागों को संचालित कराने के लिए एम्स प्रशासन ने तैयारी कर ली है। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों सहित 118 रेगुलर पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉक्टरों की व्यवस्था होते ही जरूरी विभागों के संचालन के साथ ही गंभीर मरीजों का इलाज शुरू होगा।
दरियापुर स्थित एम्स में 13 अगस्त 2018 से ओपीडी शुरू हुई थी। 29 अगस्त 2019 को एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई थी। करीब 278 करोड़ की लागत से 600 बेड के एम्स हॉस्पिटल (चिकित्सीय परिसर) का काम पूरा होने बाद नौ जुलाई से 300 बेड का हॉस्पिटल शुरू किया गया।
एम्स में एमआरआई सहित अन्य जांचें भी शुरू कराई गईं। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों सहित 183 रेगुलर पदों की तुुलना में महज 65 डॉक्टर ही तैनात हैं। शेष 118 पदों को भरने का काम अब शुरू किया गया है।
गैस्ट्रो, कॉर्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी सहित कई अन्य विभागों को शुरू कराने के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। डॉक्टरों की व्यवस्था होते ही ये विभाग शुरू हो जाएंगे। हार्ट के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए कैथलैब भी बन गई है। लैब में हाईटेक मशीनें लग चुकी हैं।
रेडियोलॉजिस्ट सहित 10 पदों के लिए 16 को इंटरव्यू
एम्स में सीटी स्कैन संचालित कराने के लिए रेडियोलॉजिस्ट, असिस्टेंट प्रोफेसरों सहित डॉक्टरों के 10 पदों को आउटसोर्सिंग से भरने के लिए 16 नवंबर को इंटरव्यू होगा।
डॉक्टर की व्यवस्था होते ही जल्द ही सीटी स्कैन की जांच भी शुरू हो जाएगी। अब तक एम्स ऋषिकेश से रेडियोलॉजिस्ट माह में 15 दिन यहां आकर काम करते हैं। जल्द ही यहां डॉक्टरों की व्यवस्था होते ही जांच में तेजी आएगी।
किसानों की 80 बीघा जमीन मिलते ही विस्तार
एम्स अस्पताल के लिए किसानों से करीब 80 बीघा जमीन लेनी है। किसानों की जमीन लेने के लिए शासन से 43 करोड़ मिलने के बाद करीब 80 प्रतिशत बैनामे की काम पूरा हो चुका है। जल्द ही बैनामों का काम पूरा होते ही एम्स को और जमीन मिल जाएगी। जमीन मिलते ही एम्स प्रशासन विस्तार का काम शुरू करेगा। इसके लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
प्लांट से मरीजों को ऑक्सीजन मिलनी शुरू
एम्स परिसर में लगे ऑक्सीजन प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया है। वार्डों में बेडों तक पाइप लाइन भी बिछ चुकी है। जरूरत के हिसाब से मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है। खासकर कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए एल-3 अस्पताल के लिए बेडों पर ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था है।
गैस्ट्रो, कॉर्डियोलॉजी सहित अन्य विभाग शुरू कराने के लिए तैयारी पूरी हो गई है। कैथलैब भी तैयार है। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती इसी महीने शुरू होनी है। जल्द ही डॉक्टरों की व्यवस्था होते ही गंभीर मरीजों का इलाज शुरू कराया जाएगा। विस्तार के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स