रायबरेली। मेरठ और कोलकाता की प्रयोगशाला में दवाओं के नमूने अधोमानक मिलने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह की विवेचना पूरी हो गई है। उन्होंने मेरठ की दवा निर्माता स्ट्रान फॉर्मास्युटिकल्स के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
जून 2024 में ड्रग इंस्पेक्टर ने डलमऊ स्थित तिवारी मेडिकल स्टोर से सेप्ट्रान-200 और शहर के कचहरी रोड स्थित चंद्रिका एजेंसी से सीपोज्वाय-200 दवा का नमूना लेकर जांच के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ भेजा था। दोनों दवाओं के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद दवा कंपनी स्ट्रान फॉर्मास्युटिकल्स ने रिपोर्ट को मानने से इन्कार करते हुए सीजेएम कोर्ट में वाद करके दोबारा दवाओं की जांच कराने की मांग की थी।
सीजेएम के आदेश पर दोनों नमूनों को जांच के लिए सेंट्रल विधि विश्लेषक प्रयोगशाला कोलकाता भेजा गया था। कोलकाता की प्रयोगशाला में भी दवाओं का नमूना अधोमानक मिला था। दो प्रयोगशालाओं की जांच रिपोर्ट आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने विवेचना शुरू की। विवेचना पूरी करने के बाद उन्होंने सीजेएम कोर्ट में मेरठ की स्ट्रान फॉर्मास्युटिकल्स के खिलाफ मुकदमा किया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दवा बनाने वाली कंपनी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा कर दिया गया है।