रायबरेली। पुलिसिंग व्यवस्था को मजाक समझने वाले और पाठशाला लगाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले पुलिस कर्मियों पर गुरुवार को शिकंजा कसा गया। पूर्व खीरों एसओ मणिशंकर तिवारी के खिलाफ खीरों थाने में जहां भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया, वहीं भदोखर थाना क्षेत्र में श्रमिक की हत्या के मामले में लापरवाही बरतने पर आईजी ने मिल एरिया थाने में तैनात दरोगा, मुख्य आरक्षी, आरक्षी को निलंबित कर दिया।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में ट्रक चालकों से अवैध वसूली किए जाने के मामले में सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला होमगार्ड कमांडेंट को लिखा पढ़ी की गई है। खीरों थाने में पुलिस कर्मियों की पाठशाला लगाकर तत्कालीन एसओ मणिशंकर तिवारी का ऑडियो वायरल हुआ था। पुुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने पूर्व एसओ को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही विभागीय जांच के आदेश दिए थे।
इस मामले में एसपी के आदेश पर पूर्व एसओ मणिशंकर तिवारी के खिलाफ खीरों थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह ने भदोखर थाने में श्रमिक की हत्या के मामले में लापरवाही बरतने पर मिल एरिया थाने में तैनात बीट प्रभारी उपनिरीक्षक राजकुमार अग्निहोत्री, मुख्य आरक्षी मुनेश्वर दयाल, आरक्षी हेमचंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में ट्रक चालकों से अवैध वसूली का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने सिपाही नकुल दुबे को निलंबित कर दिया। साथ ही होमगार्ड कन्हैयालाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला होमगार्र्ड कमांडेंट को लिखापढ़ी की है। लखनऊ रेंज की आईजी की ओर से जिन तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया है, उन पर लापरवाही के कई आरोप लगे हैं।
आईजी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रधानी-मनरेगा को लेकर मृतक एवं प्रतिवादी पक्ष में विवाद काफी दिनों से विद्यमान होने के बावजूद उपरोक्त उपनिरीक्षक एवं बीट आरक्षीगण द्वारा ग्राम विवाद रजिस्टर में प्रविष्टि नहीं दी गई। दोनों पक्षों के विवाद के दृष्टिगत न दोनों पक्षों पर सतर्क दृष्टि रखा गया और न ही बीट सूचना अंकित कर निरोधात्मक कार्रवाई कराई गई। न ही इन्हें भारी मुचलके में पाबंद किया गया।
माह मई एवं जून 2020 में शासन-प्रशासन की ओर से किए गए वीडियोग्राफी के माध्यम से तथा उच्चाधिकारियों द्वारा लिखित रूप से यह निर्देश दिए जाने के बावजूद गांव में ही बीट सूचना प्रणाली को त्वरित एवं सतर्क नहीं बनाया गया। छोटे एवं बड़े सभी प्रकार के विवादों को चिन्हांकन नहीं किया गया। ट्रक चालकों से अवैध वसूली के मामले में सीओ डलमऊ की ओर से एसपी ने प्रकरण की जांच कराई थी।
सीओ ने जांच में सिपाही, होमगार्ड को दोषी ठहराया और कोतवाल श्रीराम को बचा लिया। सवाल उठता है कि बिना कोतवाल के शह पर यह कार्य नहीं हो सकता। एसपी का कहना है कि कोतवाल की भूमिका की जांच वह अपने स्तर से कराएंगे। जांच सही मिलने पर कोतवाल पर भी कार्रवाई होगी। एसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि भदोखर थाने में श्रमिक की हत्या के मामले में आईजी ने मिल एरिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी व आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है।
इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को दी गई है। पूर्व खीरों एसओ के खिलाफ खीरों थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराकर प्रकरण की जांच सीओ डलमऊ को सौंपी गई है। ट्रक चालकों से अवैध वसूली के मामले में भी कार्रवाई की गई है। पुलिसिंग व्यवस्था को मजाक बनाने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।