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Raebareli News: एआरटीओ-पीटीओ के चालकों समेत 23 के खिलाफ केस

Wed, 19 Nov 2025 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में सोमवार रात डीह थाने में एक और केस दर्ज कराया गया। इसमें एआरटीओ-पीटीओ रायबरेली के चालक समेत 23 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ जिलोें के चार पांच अज्ञात कर्मचारी और 18 लोग नामजद किए गए हैं। पुलिस ने दो दलालों को गिरफ्तार किया है।
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पूछताछ में दोनों आरोपियों ने एआरटीओ-पीटीओ के चालकों की मदद से मौरंग, गिट्टी, बालू लदे ओवरलोड वाहनों को पास कराने के नाम पर अवैध वसूली की बात स्वीकार की है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

डीह थाना प्रभारी जितेंद्र मोहन सरोज की तरफ से डीह थाना क्षेत्र के खान जहांपुर निवासी महेंद्र प्रताप सिंह, प्रतापगढ़ जिले के उदयपुर निवासी जितेंद्र सरोज, खनिज ठेकेदार अरुण प्रताप सिंह, फाइनेंसर विपिन सिंह, मोटरमालिक अंकुर मिश्रा, राजकुमार साहू, राजेंद्र यादव बालू डीलर परशदेपुर, शिवम शुक्ला मोटरमालिक, लल्लन यादव चालक सलोन, दरोगा यादव सुल्तानपुर, शिवभजन यादव बस मालिक परशदेपुर, मनोज तिवारी मौरंग सप्लायर, गोपाल वसूली स्टैंड लालगंज, दीपू उर्फ दीपशंकर नगर पालिका रायबरेली, दुर्गेश पंडित अमावां और बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट निवासी युवराज के अलावा रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी के चार-पांच अन्य सरकारी कर्मचारी, एआरटीओ रायबरेली में तैनात दीवान नौशाद, पीटीओ के चालक सुशील के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि के तहत केस दर्ज किया गया है।
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अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि रात करीब 12:35 बजे सई नदी पुल परशदेपुर के पास से अवैध वसूली मामले में शामिल महेंद्र प्रताप सिंह व जितेंद्र सरोज को पकड़ा गया है। इन दोनों के पास से 12 हजार 250 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। 29 वाहनों की सूची मिली है। इन सभी का एक संगठित गिरोह है, जो एआरटीओ कर्मियों की मिलीभगत से ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली कर रहे थे।

दलालों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत लखनऊ में पेश किया जाएगा। अन्य आरोपियोंं की गिरफ्तारी के लिए डीह थाने की दो पुलिस टीमें लगाई गई हैं। गौरतलब है बीते 11 नवंबर को भी लालगंज कोतवाली में एसटीएफ की तरफ से रायबरेली और फतेहपुर जिले के एआरटीओ समेत 11 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि के तहत केस दर्ज कराया गया है।


जो पैसा नहीं देता था उसकी गाड़ी का करवाता था चालान
पुलिस की गिरफ्त में आए दलाल महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उनका ओवरलोड गिट्टी, मौरंग, बालू आदि गाडि़यों को एक जनपद से दूसरे जनपद भेजने का संगठित नेटवर्क है। आरटीओ विभाग के कर्मचारी उनके संपर्क में रहते हैं। जो गाड़ी वाला पैसा नहीं देता, उसकी गाडिय़ों को पकड़वाकर भारी चालान करवाते थे। महेंद्र का कहना है कि उनका काम रायबरेली-अमेठी, रायबरेली-प्रतापगढ़ बार्डर पर गाडिय़ों को पास कराने का है। इसके लिए वह प्रति गिट्टी-मौरंग लदे ओवरलोड वाहन से 5500 रुपये प्रतिमाह एंट्री के लिए लेता था। एंट्री के नाम पर लिए गए 5500 रुपये में से 3500 रुपये एआरटीओ रायबरेली के दीवान नौशाद व 1500 रुपये पीटीओ रायबरेली के ड्राइवर सुनील को देता था। शेष बचे 500 रुपये वह और जितेंद्र सरोज बराबर ले लेते थे।
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