रायबरेली। देश के विभिन्न प्रांतों से प्रवासियों के आने का सिलसिला सिर्फ श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से ही नहीं, बल्कि रोडवेज बसों से भी चल रहा है। गुरुवार को मध्यरात्रि से शाम 4 बजे तक 38 रोडवेज बसें यहां डिपो में पहुंची, जिससे 706 लोग आए।
बस स्टेशन पर बनाए गए अलग-अलग काउंटरों पर इन प्रवासियों के बारे में ब्योरा जुटाया गया। उनका परीक्षण भी हुआ। इसके लिए तहसील और पुलिस की टीमों के साथ ही रोडवेज कर्मचारी भी लगाए गए थे।
सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन प्रवासियों को जिले के अलग-अलग हिस्सों में उनके घर भेजने की व्यवस्था की गई। इसके लिए रोडवेज और प्राइवेट बसों के साथ ही अन्य वाहन लगाए गए हैं। बस स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
रोडवेज के यातायात अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राज्य की सीमा से इन प्रवासियों को लेकर बसें यहां पहुंच रही हैं, जिन्हें औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें भेजा जा रहा है।
गुरुवार को महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली से ज्यादातर प्रवासी आए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के अफसर भी निरीक्षण के लिए आते रहते हैं। जिले में गुरुवार को कोई भी श्रमिक स्पेशल ट्रेन नहीं पहुंची, हालांकि रेलवे का पूरा अमला मुस्तैद रहा।
प्रशासन और पुलिस के अलावा स्वास्थ्य टीमें भी सतर्क रहीं। रेलवे स्टेशन के आसपास गिनी-चुनी रोडवेज बसें खड़ी रहीं। बाकी बसें जीआईसी ग्राउंड में खड़ी कराई गई हैं, जो जरूरत पड़ने पर भेजी जाती हैं। रेलवे के स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने की जानकारी मिली है।