महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात आग में जिंदा जलकर एक किशोरी की मौत हो गई। बिस्तर पर सोते समय अचानक चिराग गिर जाने के कारण किशोरी आग की चपेट में आई।
आग की लपटें देख परिवारीजनों की नींद खुली। जब तक परिवारीजन उसे सीएचसी पहुंचाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हालांकि परिवारीजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
कोतवाल कुलदीप तिवारी का कहना है कि मामले की घटना की जांच की जा रही है। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कैर गांव की रहने वाली दयावती के पति की मौत हो चुकी है।
वह बच्चों के साथ घर पर रहती है। उसकी बेटी गुड़िया उर्फ जूली (16) रात में घर के अंदर वाले कमरे में सो रही थी। जबकि उसकी मां दयावती छोटी बेटी नेहा के साथ बाहर सो रही थी।
बताते हैं कि गुड़िया रात में सोते समय चिराग बुझाना भूल गई। देर रात चिराग बिस्तर पर गिर गया, जिससे आग लग गई। लपटों से घिरी गुड़िया आंगन में भागी।
चूंकि चाचा ननकऊ का घर भी पास है। इसलिए आंगन से आग की लपटें देख चाचा ने उसकी मां को जगाया। आग बुझाकर गुड़िया को सीएचसी महराजगंज पहुंचा। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची। हालांकि मां ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने शव को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया।
मां ने बताया कि गुड़िया कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। इसके बाद पढ़ाई छोड़कर घर पर ही रह रही थी। कोतवाल कुलदीप तिवारी का कहना है कि आग लगने के चलते किशोरी की मौत हुई है।