भीड़ का आलम यह था कि काउंटर तक पहुंचने में घंटों तक लग गए। इस दौरान लोगों को कुर्सी नहीं मिली तो जमीन पर बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार किया।
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और अपने साथ नन्हें-मुन्ने बच्चों को लेकर आई महिलाओं को उठानी पड़ी।
सोमवार को बैंक शाखाओं के ताले खुलने से पहले ही लोग एकत्र होने शुरू हो गए थे।
बैंक खुलने के बाद वहां लेनदेन करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसी को पेंशन निकालनी थी तो कोई व्यापारी त्योहार में हुई कमाई को बैंक में सुरक्षित करने आया था।
एसबीआई की सुपर मार्केट, आईटीआई शाखा, चौहान मार्केट स्थित पीएनबी, हाथी पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, रेलवे रोड स्थित इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों में लोग रुपये निकालने और जमा करने के लिए मशक्कत करते दिखे।
काउंटरों पर लोगों की लंबी लाइन लगी थी। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और उन महिलाओं को उठानी पड़ी, तो अपने साथ मासूम बच्चों को लेकर आईं थी।
बैंकों में अतिरिक्त काउंटर भी खोले गए, फिर भी भीड़ कम नहीं हो रही थी। एसबीआई की आईटीआई शाखा आए बालापुर के रमेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक घंटे लाइन में लगने के बाद जाकर रुपये की निकासी हुई।
रुपये जमा करने चौहान मार्केट स्थित पीएनबी आई तेलियाकोट की हमीदुनिशा ने कहा कि मालूम नहीं था, इतनी भीड़ होगी, वरना और किसी दिन आ जाते।
कम से कम परेशानी तो न झेलनी पड़ती। मलिकमऊ के सुनील सिंह ने बताया कि वह एसबीआई सुपर मार्केट रुपये निकालने आए हैं। लाइन में लगे हुए एक घंटे हो गए, लेकिन अब तक उनका नंबर नहीं आया।