रायबरेली। रुपयों के लेनदेन के विवाद में बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) के सहायक प्रबंधक जयप्रकाश पाल की हत्या की गई थी। पुलिस का दावा है कि लखनऊ में प्लाट दिलाने के नाम पर मुख्य आरोपी नगीना सिंह ने बैंक अधिकारी से 60 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
बैंक अधिकारी ने 22 लाख रुपये नगीना को दे दिए थे। लेकिन पैसा लेने के बाद भी वह रजिस्ट्री नहीं कर रहा था। पैसा मांगने का दबाव बढ़ा तो मुख्य आरोपी नगीना सिंह ने शूटरों के जरिए बैंक अधिकारी की हत्या करा दी।
एसओजी और पुलिस ने वारदात में शामिल दो शूटरों को गिरफ्तार कर वारदात का गुरुवार को पर्दाफाश कर दिया। हालांकि मुख्य साजिशकर्ता नगीना सिंह अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि 11 जनवरी की रात कानपुर जिले के चकेरी थाना क्षेत्र के भवानी नगर देहली सुजानपुर गांव निवासी बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा डीह में तैनात सहायक प्रबंधक जय प्रकाश पाल की मिल एरिया थाना क्षेत्र में सारस होटल के पीछे बने घर के पास हत्या कर दी गई थी।
मामले के खुलासे के लिए एसओजी के साथ पुलिस की आठ टीमें लगाईं गईं थीं। पुलिस टीमों ने हत्याकांड में शामिल मिल एरिया थाना क्षेत्र के आईटीआई कॉलोनी निवासी आकाश सिंह उर्फ सनी सिंह और सलोन कोतवाली क्षेत्र के दरसवां गांव निवासी दयाराम पासी को गिरफ्तार किया।
वहीं घटना का मुख्य साजिशकर्ता शहर के सम्राट नगर निवासी नगीना सिंह फरार है। एसपी ने बताया कि नगीना सिंह प्रॉपर्टी खरीदने व बेचने का काम करता था। इसके अलावा कमीशन लेकर लोगों को लोन भी दिलाता था। इसी दौरान उसकी जयप्रकाश से दोस्ती हो गई।
एसपी ने बताया कि बैंक अधिकारी और मुख्य साजिशकर्ता के बीच लखनऊ में प्लाट लेने के नाम पर 60 लाख रुपये का सौदा हुआ था। बैंक अधिकारी ने अपने परिवारीजनों, मित्रों, बैंक कर्मियों से करीब 14 लाख रुपये और बैंक से लोन लेकर आठ लाख रुपये मुख्य साजिशकर्ता को दे दिए थे।
मुख्य आरोपी नगीना सिंह बैंक अधिकारी से प्लाट के नाम पर रुपये ले रहा था, लेकिन प्लाट की रजिस्ट्री नहीं करा रहा था। बैंक अधिकारी नगीना सिंह पर रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाने लगा।
इस पर नगीना ने बैंक अधिकारी की हत्या कराने की साजिश रच डाली। एसपी ने बताया कि मामले में पकड़ा गया शूटर दयाराम नगीना के घर पर ही रहता था।
वहीं दूसरे शूटर आकाश सिंह ने एक लाख रुपये नगीना से उधार लिये थे। नगीना ने आकाश से उधार लिए एक लाख रुपये मांगे या फिर इसके एवज में बैंक अधिकारी की हत्या करने की बात कही।
पैसे लौटाने की जगह आकाश हत्या करने के लिए राजी हो गया। इसके बाद नगीना ने शूटरों को बैंक अधिकारी की फोटो उपलब्ध कराई थी।
घटना वाले दिन आकाश और दयाराम बाइक पर सवार होकर पहुंचे और ताबड़तोड़ गोली मारकर बैंक अधिकारी की हत्या कर दी। इसके बाद आकाश भाग गया, जबकि दयाराम नगीना के घर पहुंचा।
दूसरे दिन दयाराम को भी नगीना ने कहीं भेज दिया। एसपी ने बताया कि हत्या के लिए नगीना सिंह ने ही शूटरों को 7.65 बोर की पिस्टल उपलब्ध कराई थी।
पकड़े गए शूटर शातिर किस्म के अपराधी हैं। इन शूटरों के पास से दो बाइकें, मृतक बैंक अधिकारी की दो फोटो, दो मोबाइल भी बरामद हुए हैं।
नगीना पर 25 हजार का ईनाम घोषित
एसपी ने बताया कि बैंक अधिकारी की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता नगीना सिंह की गिरफ्तारी पर 25 हजार का ईनाम घोषित किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द नगीना को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। एसपी ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता नगीना सिंह को संरक्षण देने वालों के बारे में भी पड़ताल कराई जा रही है। नगीना को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।