ायबरेली। ग्राम पंचायतों से एलईडी लाइटें लगवाने के आदेश के बावजूद सोलर लाइटें लगवाने का मामला गरमा गया है। अमर उजाला के खुलासे के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव ने पूरे मामले की जांच का आदेश पर डीपीआरओ को देते हुए रिपोर्ट तलब की है।
साथ ही मंगलवार को ही जिले की सभी 988 ग्राम पंचायतों में सोलर लाइटों के नाम पर होने वाले भुगतान पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है।
सभी सहायक विकास अधिकारियों को पत्र जारी करके आदेश का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। आदेश के बाद भी भुगतान होने पर सहायक विकास अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इससे ब्लॉक पंचायतों में हड़कंप है।
अमर उजाला ने बीती 15 नवंबर को विकास को मिले बजट से सोलर लाइटें लगवा रहीं पंचायतें और 19 नवंबर के अंक में अफसर अनजान, सोलर लाइट का एक करोड़ का हुआ भुगतान शीर्षक से प्रमुखता के साथ इस घालमेल का खुलासा किया था।
अपर मुख्य सचिव की तरफ से पूर्व में जारी निर्देश के तहत सिर्फ एलईडी लाइटें लगाने की ही अनुमति दी गयी थी। इसके बावजूद डलमऊ ब्लॉक के अदिलाबाद में 1.41 लाख, बरसना 2.11 लाख, बछरावां के बैरमपुर में 1.88 लाख, इचौली में 1.88 लाख, डलमऊ ब्लॉक के आंबा गांव में पी 38 इंटरप्राइजेज के नाम सात सोलर लाइटों के रूप में 1,64,599 रुपये का भुगतान कर दिया गया।
बलीपुर में 2.82 लाख, बड़ेरवा में 2.35 लाख, डलमऊ में 2.35 लाख का पेमेंट सोलर लाइट लगवाने में किया गया है। जगतपुर ब्लॉक के शंकरपुर गांव में भी 1.88 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा अन्य कई ब्लॉकों में भी सोलर लाइटें लगवाई जा रही हैं।
जिले के सभी ग्राम पंचायतों में सोलर लाइटों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में भुगतान किया जा चुका है उसकी रिपोर्ट सहायक विकास अधिकारियों से मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शासनादेश के विपरीत ग्राम पंचायतों में किसी भी स्तर पर कोई काम नहीं होने नहीं दिया जाएगा।
उमाशंकर मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी