रायबरेली। इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति पर पड़ने लगा है। गैस आपूर्ति के संकट को देखते हुए कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पर रोक लगाने की तैयारी है। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होगा। होटल व्यापारियों का कहना है कि यदि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पर रोक लग जाती है तो होटल व्यवसाय बर्बाद हो जाएगा।
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जिले में 1.50 लाख कॉमर्शियल गैस सिलिंडर उपभोक्ता हैं। होटल, रेस्टोेरेंट व ढाबा की संख्या करीब एक लाख से अधिक है। ऐसे में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पर रोक से व्यवसाय प्रभावित होने की आशंका है। युद्ध के कारण जो स्थितियां बन रही हैं, उससे व्यापारी परेशान हैं। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई सीमित होने का सीधा असर औद्योगिक इकाइयों पर भी बड़ेगा। इसके अलावा शादी के सीजन में खाना बनाने के लिए गैस सिलिंडर की कमी भी महसूस होगी।
शहर के होटल व्यवसायी राजेश गुप्ता का कहना है कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से होटल व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित होगा। छोटे व्यापारियों को व्यवसाय बंद करना पड़ेगा।
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एजेंसियों को केवल घरेलू गैस सप्लाई पर ध्यान देने के निर्देश
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कई एलपीजी एजेंसियों ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई रोक दी है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता है। इसी वजह से फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की नई बुकिंग नहीं ली जा रही है।
बढ़ाई गई गैस एजेंसियों की निगरानी
अभी कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति रोकने का आदेश नहीं मिला है। युद्ध के कारण जो स्थितियां बन रही हैं, उस पर नजर रखी जा रही है। गैस सिलिंडर की कालाबाजारी न हो, इसे रोकने के लिए गैस एजेंसियों के स्टॉक को चेक कर उनसे हर दिन की रिपोर्ट ली जा रही है।