रायबरेली। शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी होगी। लखनऊ, नोएडा, कानपुर जैसे महानगरों की तर्ज पर अब रायबरेली शहर के तीन चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम (आईटीएसएस) लगाए जाएंगे। यातायात नियमों की अनदेखी पर वाहनों का ऑटोमैटिक चालान भी होगा।
शहर में दिनोंदिन वाहनों की संख्या तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। शहर में महज छह हजार से अधिक ई रिक्शा संचालित हैं। धुएं की वजह से वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहता है। हर दिन लोगों को शहर के विभिन्न चौराहों पर जाम की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। दो साल पहले यहां पर मैन्युअल ट्रैफिक सिग्नल लगाए थे, लेकिन इसके बाद भी जाम की समस्या से राहत नहीं मिल पाई है।
ऐसे में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत शहर के डिग्री कॉलेज चौराहा, पुलिस लाइन और सिविल लाइन चौराहे पर आईटीएसएस सिस्टम लगाने को हरी झंडी मिली है। इसके लिए शासन से तीन करोड़ 45 लाख का बजट भी मिल गया है। इस सिस्टम के लगने से ट्रैफिक की निगरानी एक स्थान से हो सकेगी। मनमाने तरीके से वाहन चलाने पर ऑटोमैटिक चालान भी हो जाएगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी राहत मिलेगी। स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक आरिफ कहते हैं कि प्रस्ताव बन गया है। जल्द ही इस नई व्यवस्था के तहत कार्य शुरू होगा।
निगरानी के लिए बनेगा कमांड सेंटर
तमाम प्रयास के बाद भी शहर के हर चौराहों पर जाम की दिक्कत रहती है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम की निगरानी के लिए कमांड सेंटर बनाया जाएगा। कमांड सेंटर से सभी चौराहों की मॉनीटरिंग होगी। सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे।
इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम लगने से शहर में जाम को कम करने, दुर्घटनाओं को रोकने और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 3.45 करोड़ रुपये मिल गए हैं। कार्ययोजना बन गई है। जल्द काम शुरू होगा।
- स्वर्ण सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद रायबरेली