दिल में वतन की सेवा का जज्बा लिए वर्ष 2003 में अमरेंद्र बतौर हवलदार सेना में भर्ती हुए। इसके बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड का साक्षात्कार पास किया और लेफ्टिनेंट बने।
सेना में अमरेंद्र कुमार के लेफ्टिनेंट बनने पर परिवारीजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अमरेंद्र ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिवार के बड़े-बुजुर्गों को दिया।
उन्होंने कहा पिता राम प्रकाश सिंह, बड़े भाई सत्येंद्र कुमार सिंह के आशीर्वाद से यह संभव हुआ है। पत्नी किरन सिंह, छोटे भाई जितेंद्र कुमार सिंह ने साहस दिया।
सभी की प्रार्थना का ही असर रहा कि हवलदार से लेफ्टिनेंट बना पाया हूं। वहीं गांव के कमलेश्वर सिंह, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, इंद्र बहादुर सिंह आदि ने भी खुशी जताई।