रायबरेली। सरकार को सबसे अधिक गेहूं-धान बेचने वाला कलियुगी गरीब बहुत अमीर है। अमावां क्षेत्र का रहने वाला अंत्योदय कार्डधारक लोक निर्माण विभाग का पंजीकृत ठेकेदार है। उसकी कंपनी की हैसियत करोड़ों की बताई जा रही है।
कई बीघे जमीन के साथ दो मंजिला घर भी है लेकिन अति गरीबी का कार्ड बनवाकर हर महीने मुफ्त राशन डकार रहा है। पोल खुलने के बाद राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र के बावन बुजुर्ग बल्ला गांव निवासी रामखेलावन की पत्नी के नाम अंत्योदय कार्ड (संख्या 215820455721) जारी है। बताते हैं कि उसके पास काफी जमीन है, साथ ही वह लोक निर्माण विभाग का पंजीकृत ठेकेदार भी है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने उसकी कांट्रैक्टर्स कंपनी को पंजीकृत भी किया है। इस कंपनी में रामखेलावन दूसरे नंबर का निदेशक है।
कंपनी की हैसियत करोड़ों में बताई जा रही है। कंपनी को लोक निर्माण विभाग से काफी काम दिया गया। रामखेलावन के नाम पैनकार्ड भी जारी किया गया है। रामखेलावन ने सरकारी खरीद केंद्रों पर 8.48 लाख से अधिक कीमत का अनाज बेचा है। अब उसके राशन कार्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले में सरकारी रेट पर धान और गेहूं की खरीद में वैसे तो हर साल खेल होता है लेकिन इस साल सरकार के गंभीर होने के बाद जिम्मेदार अफसरों की पोल खुल गई है। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के राशन कार्डधारकों की जमीन के सहारे बिचौलियों ने गेहूं-धान की खूब तौल कराई।
सूची में शामिल तमाम ऐसे कार्डधारक हैं जो स्वयं गेहूं और धान की खरीद करके सरकारी केंद्रों पर बेचने का काम करते हैं। अधिकारियों ने खरीद केंद्रों का निरीक्षण भी लगातार किया लेकिन कहीं भी बिचौलिए पकड़ में नहीं आए।
अंत्योदय कार्ड बनवाकर अपात्र लोग सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री जन आरोग्य कल्याण योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ भी उठा रहे हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने के साथ ही अन्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। अपात्रों की वजह से ही गरीबों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला आपूर्ति अधिकारी विमल शुक्ला ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार समेत 661 लोगों के राशन कार्डों को निरस्त कर दिया गया है। जांच चल रही है। और राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे। अपात्र लोग स्वयं राशन कार्ड निरस्त नहीं करवा लेंगे तो जांच के बाद उनके कार्डों को निरस्त करके वसूली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।