रायबरेली। सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था को बहाल कराने और अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों व युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किया।
जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों ने धरना दिया तो भाकियू ने प्रदर्शन कर नई योजना को निरस्त कराने की मांग की। हंगामे और अन्य किसी अप्रिय घटना को लेकर दिनभर विकास भवन छावनी में तब्दील रहा।
पुलिस के साथ ही गेट पर पीएचसी भी तैनात की गई थी। हालांकि शांतिपूर्वक आंदोलन होने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
अग्निपथ योजना के खिलाफ शुक्रवार को जय किसान आंदोलन के पदाधिकारी अर्चना, मो. हाशिम, पुष्कर पाल, राम विलास यादव, शिव प्रताप मौर्या, संजय यादव, जितेंद्र वर्मा, शिवकली, रानी, अवनीश, प्रदीप आदि लोगों ने धरना दिया। प्रदर्शन करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आरोप लगाया कि सरकार युवाओं पर जबरन अग्निपथ योजना थोपकर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। धरने के बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मांगों को पूरा कराकर योजना को निरस्त करके सेना में पुरानी भर्ती प्रक्रिया को लागू रखने की मांग की।
विकास भवन में ही भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने अग्निपथ योजना के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रामदास, रामफेर, लाला चौधरी, राम कुमार, सिंह, दीपक दीक्षित, गंगा प्रसाद, राम बहादुर यादव, नरेंद्र सिंह आदि ने सरकार पर आरोप लगाया कि नई योजना युवाओं पर जबरन थोपी जा रही है।
किसानों ने चेतावनी दी कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों के आंदोलन को लेकर सुबह से ही विकास भवन छावनी में तब्दील रहा। सीओ सिटी भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ मुस्तैद रहीं। हालांकि धरना शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।