रायबरेली। डीएम के आदेश के नौ दिन बाद भी अभिलेखागार में अभिलेखों को खुरचकर नाम बदलने और पन्ने गायब करने के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।
एडीएम के आदेश के बाद भी राजस्व अभिलेखापाल ने शहर कोतवाली में तहरीर नहीं दी है। जांच में दोषी पाए गए लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि अभिलेखागार के दस्तावेजों में हेराफेरी का मामला इन दिनों कलेक्ट्रेट में काफी गरमाया हुआ है।
अभिलेखागार के अभिलेखों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले की जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने की थी। जांच में सलोन क्षेत्र के प्यारेपुर, नुरुद्दीनपुर और जौदहा गांवों की जमीनों से संबंधित अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले पकड़ में आए थे।
एडीएम ने अपनी जांच में अभिलेखागार के रिटायर्ड कर्मचारी नवल किशोर शुक्ला, एआरके देही कृष्ण बहादुर सिंह, चपरासी जफर आलम के अलावा आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी को दोषी पाया था।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम माला श्रीवास्तव ने 10 दिन पहले ही एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार को अभिलेखों को सील कराने के साथ ही आरोपियों को चिह्नित करके मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
कई दिन मंथन करने के बाद एडीएम ने गत बुधवार को अभिलेखागार की राजस्व अभिलेखापाल लुकइया बेगम को संबंधितों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन राजस्व अभिलेखापाल ने एडीएम को आदेश पर ध्यान नहीं दिया और गुरुवार को भी शहर कोतवाली में तहरीर नहीं दी।
शहर कोतवाली प्रभारी राघवन सिंह का कहना है कि कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार के अभिलेखों में हेराफेरी के मामले में मुकदमा दर्ज कराने के संबंध में अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
दोषी कर्मियों के पक्ष में उतरा संगठन
अभिलेखागार के दस्तावेजों की हेराफेरी के मामले में एफआईआर के आदेश के बाद जांच दोषी मिले कर्मियों के खिलाफ संघ सामने आ गया है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्टिरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बृजेश सोनकर, महामंत्री पवन कुमार आदि पदाधिकारियों ने एडीएम ने मिलकर अनुरोध किया है तो अभिलेखागार के जो भी कर्मचारी दोषी नहीं हैं, उनके खिलाफ मुकदमा न दर्ज कराया जाएगा। अभिलेखों में हेराफेरी करने वालों पर ही मुकदमा दर्ज कराया जाए।
अभिलेखागार में अभिलेखों में हेराफेरी के मामले में संघ के लोगों ने ज्ञापन दिया है। इसी कारण तीन सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर मुकदमा होगा। आदेश को वापस नहीं लिया गया है। राजस्व अभिलेखापाल से ही जवाब मांगा जाएगा।
अमित कुमार, एडीएम (प्रशासन)