रायबरेली। दो साल पहले लालगंज ब्लॉक में तैनाती के दौरान खंड विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के अवर अभियंता ने क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए कार्यों में जमकर खेल किया।
दो सदस्यीय टीम की जांच में इंटरलॉकिंग सहित एक करोड़ से अधिक लागत के 16 कार्यों में 16.11 लाख रुपये के घपले की पुष्टि हो गई। मामले में शासन ने बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह (वर्तमान में सलोन ब्लॉक में तैनात) को निलंबित कर दिया।
निलंबित बीडीओ ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उधर, जांच में दोषी मिले अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के लिए चार्जशीट दाखिल होने के बाद बाराबंकी के अधिशासी अभियंता ने जांच शुरू कर दी है। जल्द ही जेई पर भी गाज गिरनी तय है।
लालगंज ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत निधि से विकास कार्यों के नाम पर दो साल पहले जमकर खेल किया गया। बड़े पैमाने पर घपले की जांच के लिए शिकायत डीएम स्तर से की गई थी।
डीएम के आदेश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और डीआरडीए के सहायक अभियंता की टीम ने मामले की जांच की। इंटरलॉकिंग के कार्यों में कहीं इंटरलॉकिंग को उखाड़कर कंक्रीट डालकर दोबारा सड़क बनवाने की पुष्टि हुई तो कहीं कार्यों में सीमेंट और फाइन सैंड का प्रयोग तक नहीं किया गया।
कार्यों में लोकल सैंड का प्रयोग किया गया। जांच टीम को 16 कार्यों में 16.11 लाख रुपये की अनियमितता मिली। जांच में में लालगंज के तत्कालीन बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के अवर अभियंता राजबली को दोषी करार दिया गया।
शासन ने जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीडीओ (वर्तमान में सलोन ब्लॉक में तैनात) कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया।
उधर, जांच में दोषी मिले आरईडी के अवर अभियंता के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल होने के बाद बाराबंकी के अधिशासी अभियंता ने जांच शुरू कर दी है।
जल्द ही अवर अभियंता के खिलफ भी कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ प्रभाष कुमार का कहना है कि लालगंज में क्षेत्र पंचायत निधि के कार्यों की जांच में दोषी मिलने के बाद शासन स्तर से बीडीओ को निलंबित किया गया है।
अवर अभियंता पर जल्द ही कार्रवाई : एक्सईएन
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के अधिशासी अभियंता नूर आलम का कहना है कि लालगंज ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत निधि के बजट के अपव्यय के मामले में जेई राजबली के खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। बाराबंकी के अधिशासी अभियंता मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द ही जांच पूरी होने के बाद अवर अभियंत्र पर भी शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।