रायबरेली। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में ब्रांडेड खाद्य पदार्थ तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद लखनऊ व कानपुर के सप्लायरों समेत सात कारोबारियों को नोटिस देकर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच में खोवा और साबूत धनिया अवमानक के साथ ही असुरक्षित भी मिले हैं। ब्रांडेड काजू और बादाम के नमूने भी अवमानक मिले हैं।
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि 11 अक्तूबर 2025 को एफएसओ शेफाली रस्तोगी ने आशियाना नगर सलोन स्थित राजेश कुमार की दुकान ने एमडी ड्राई फूड्स ब्रांड बादाम का नमूना भरा था। जांच में नमूना अवमानक मिलने के बाद विक्रेता के साथ ही तुलसा नगर नयागंज कानपुर के सप्लायर ऋषी एंड कंपनी को नोटिस दिया गया है।
शहर के सत्य नगर स्थित रोहित सावलानी की दुकान से 10 अक्तूबर 2025 को एफएसओ कंचनलता तिवारी ने अप्पू ब्रांड काजू का नमूना भरा था। नमूना अवमानक मिलने के बाद विक्रेता के अलावा दाल मंडी रकाबगंज लखनऊ के सप्लायर रामआसरे गौरीशंकर को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
ऊंचाहार के अरखा स्थित गुप्ता स्वीट्स से भरा गया खोवा का नमूना अवमानक के साथ असुरक्षित मिला था। यह नमूना एफएसओ उदयराज ने 14 अगस्त 2025 को भरा था। दुकानदार छेदीलाल को नोटिस दिया गया है। 11 जून 2026 को एफएसओ कंचनलता तिवारी ने डीके लघु उद्योग सलोन से धनिया साबूत का नमूना भरा था। जांच में यह नमूना अवमानक के साथ ही असुरक्षित घोषित किया गया है। विक्रेता और सप्लायर बांबे वाला हाता धनकुट्टी कानपुर हरीओम ट्रेडर्स को नोटिस दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक माह के अंदर नोटिस का जवाब न आने पर कारोबारियों के खिलाफ संबंधित न्यायालयों में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।