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गांवों में बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, 66 नए उपकेंद्र खुलेंगे

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रायबरेली। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए शासन ने 66 नए उपकेंद्र खोलने के आदेश दिए हैं।
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जिले के 16 ब्लॉकों में खुलने वाले इन उपकेंद्रों में जल्द ही एएनएम की तैनाती होगी। यह सेंटर किराए के भवनों में चलेंगे। ग्रामीणों को गांव स्तर पर चिकित्सीय सेवाएं मुहैया कराई जाएगी। अपर मुख्य सचिव का पत्र आने के बाद जिले में नए सेंटरों को खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है।
जिले में वर्तमान समय में 327 उपकेंद्र संचालित हैं। इसमें 232 रेगुलर एएनएम और 126 संविदा एएनएम काम कर रही हैं। शासन की मंशा है कि जिले की सभी 989 ग्राम पंचायतों में उपकेंद्र स्थापित हो जाएं, जिससे गांव के लोगों को चिकित्सीय सेवाओं, प्रसव व अन्य सुविधाओं को गांव से बाहर न जाना पड़ा। नियमानुसार हर पांच हजार की आबादी पर एक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए, लेकिन जिले में काफी कम सेंटर स्थापित हैं। जिले में जनसंख्या तो बढ़ गई, लेकिन एएनएम सेंटरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई।
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अपर मुख्य सचिव ने जिले में 66 नए उपकेंद्र खोलने के आदेश दिए हैं। यह केंद्र किराए के भवनों में संचालित कराए जाएंगे। प्रति सेंटर तीन हजार रुपये किराया भी दिया जाएगा।
शासन से पत्र आने के बाद जिले में नए सेंटर खोलने के लिए कवायद शुरू हो गई है। जिले के अछूते गांवों में यह सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों पर संविदा एएनएम की तैनाती भी जल्द ही की जाएगी।
गर्भवती की जांच टीकाकरण व प्रसव आदि की मिलेगी सुविधा
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि जगतपुर, सतांव और अमावां में चार-चार, बछरावां, रोहनियां, शिवगढ़, सरेनी और डलमऊ में तीन-तीन, डीह, छतोह, हरचंदपुर, लालगंज और दीनाशाह गौरा में दो-दो, खीरों में एक, ऊंचाहार और महराजगंज में छह-छह, राही और सलोन में आठ-आठ सब सेंटर खोले जाएंगे।
जिले में खुलने वाले नए 66 उपकेंद्रों पर खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सुविधाएं मिलेंगी। गर्भवतियों की जांच के साथ ही टीकाकरण और सामान्य प्रसव की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। बीच-बीच में कैंप का आयोजन कर अन्य रोगियों को भी चिकित्सीय सलाह के साथ ही दवाएं दी जाएंगी।
सेंटर के लिए भवन ढूंढने का काम हुआ शुरू
नए सब सेंटर किराए के भवनों में संचालित कराए जाएंगे। भवन ढूंढने का काम शुरू हो गया। सब सेंटर चलाने के लिए भवन में कम से तीन कमरे होने जरूरी हैं। इसके साथ शौचालय, बिजली और पीने के पानी की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
इसके अलावा एंबुलेंस और मरीजों के आने-जाने के लिए बेहतर रास्ता होना चाहिए। भवन के किराये के लिए 3,000 रुपये की धनराशि प्रतिमाह तय की गई है। ऐसे भवनों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पर आने और जाने का रास्ता अलग-अलग हो।
गांव स्तर पर प्रसूताओं, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए 66 नए उपकेंद्र खोलने की अनुमति मिली है। किराए के भवनों में सेंटर खोले जाएंगे। प्रति सेंटर तीन हजार रुपये किराया तय किया गया है। भवन ढूंढने का काम शुरू कर दिया गया है।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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