600 से अधिक सीटों पर पुराने प्रधान व
उनके समर्थकों को जनता ने नकारा। 350 से अधिक सीटों पर महिलाओं ने जीत
दर्ज कराई है।
हालांकि 300 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थी, और 50 से अधिक
महिलाओं से पुरुषों से सीट अपने कब्जे में कर लिया। गांव की जनता ने किसी
भी दशा में पुराने प्रधानों को पसंद नहीं किया।
करीब 200 ग्राम प्रधान
अंगूठा छाप हैं। इसके बाद भी गांव की जनता ने उन्हें अपना मुखिया चुना।
इसके विपरीत बीए, एमए करने वाले भी 100 से अधिक ग्राम प्रधान बने हैं।
हाईस्कूल और इंटर पास ग्राम प्रधानों की संख्या सबसे अधिक है। ग्राम प्रधान पद के चुनाव में युवाओं ने ब्लॉकों में टॉप किया। दीनशाह गौरा ब्लॉक से शिवदेवी 735 मतों के अंतर से जीत दर्ज कराकर ब्लॉक में टॉप किया।
जगतपुर ब्लॉक की जगतपुर ग्राम पंचायत से तारादेवी ने 900 से अधिक वोटों से जीतकर टॉप किया। टिकठामुसल्लेपुर सीट से बिन्नों सिंह ने 500 से अधिक अंतर से जीत दर्ज कराई।
प्रधानी के चुनाव में महिलाओं के दबदबा से साथ ही कई महिलाओं ने हैट्रिक भी लगाई है। जगतपुर ब्लॉक की मनोहरगंज ग्राम पंचायत से पिंकी देवी ने तीसरी बाद जीत दर्ज कराई है।
यह सीट अनारक्षित थी, लेकिन पिंकी ने पुरुषों की सीट पर कब्जा किया है। राही ब्लॉक के मोहम्मदपुर कुचरिया से पहली बार मैदान में आईं स्वेता शुक्ला जीतीं। दौलतपुर से सावित्री देवी दूसरी बार प्रधान बनीं।
गांव की जनता से इस बार प्रधान चुनने में कोई कोताही नही बरती। अमावां ब्लॉक के चकदादर ग्राम पंचायत में उर्मिला प्रधान बनी हैं। सिंघाडे़ बेचकर ये परिवार चलाती थी, लेकिन अब प्रधान बन गईं।
जगतपुर ब्लॉक केवलपुर बरेथा में फावड़ा चलाने वाले संतोष ने जीत दर्ज कराई है। पहली बार ही उसने भाग्य आजमायाइस बार युवाओं ने कई धुरंधरों से ग्राम प्रधान की कुर्सी छीनी है।
जगतपुर ब्लॉक की सिद्धौर ग्राम सभा में पहली बार विपक्ष को ग्राम प्रधान बनाने का मौका मिला। यहां 20 साल से एक ही व्यक्ति के पक्ष में यह कुर्सी थी। यहां से दिनेश कुमार इन बार प्रधान बने हैं।
उमरी में भी प्रवीण कुमार ने धुरंधर से सीट छीनी है। गौरा ब्लॉक के सुल्तानपुर जनौली से माधुरी देवी ने धुरंधर से कुर्सी छीनी है।
युवाओं में कुछ कर गुजरने की तमन्ना है। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के टिकठा मुसल्लेपुर ग्राम पंचायत से प्रधान बने 23 वर्षीय बिन्नों सिंह उर्फ हितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि गांव को मॉडल बनाने का प्रयास करेंगे।
गांव की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। गांव का चहुमुखी विकास कराएंगे। डलमऊ ब्लॉक के रंजीतपुर लोनारी के 25 वर्षीय प्रधान सुंदरम शुक्ला का कहना है कि गांव में बहुत विकास कराना है।
पांच साल में गांव को ब्लॉक में नंबर एक ग्राम पंचायत बनाएंगे। राही ब्लॉक के बेलागुसीसी की 23 साल की ग्राम प्रधान अनुपम यादव का कहना है कि गांव में हर किसी को साथ लेकर चलेंगे और विकास कराएंगे।
अमावां ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत समरहदा की 23 वर्षीय प्रधान नीलू देवी का कहना है कि गांव में आवास, सड़क व पेयजल की समुचित व्यवस्था कराएंगे।