रायबरेली। जिले में व्यवसायिक गतिविधियों बढ़ने के बाद 46 गांवों में विकासशील गांवों की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इन गांवों में अब आबादी व चिह्नित मार्ग से सटी प्रॉपर्टी का बैनामा कराने में दोगुना तक खर्च आएगा।
आठ दिसंबर से विकासशील गांवों में भी सर्किल रेट की नई दरें लागू हो जाएंगी। जिले की सभी तहसीलों में व्यवसायिक गतिविधियों वाले 46 गांवों को इस पर विकासशील गांवों की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। उप निबंधक सदर रायबरेली बृजेश पाठक ने बताया कि व्यवसायिक गतिविधियों वाले 46 गांवों को विकासशील गांवों की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इन गांवों में आबादी और चिह्नित मार्ग के किनारे की जमीन महंगी होगी।