रायबरेली। एम्स के यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की टीम ने किडनी की जन्मजात होने वाली दुर्लभ पथरी की परेशानी को सफल सर्जरी से दूर कर दिया। 13 साल की बच्ची को पेट में बार-बार होने वाले दर्द की शिकायत के बाद यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में लाया गया था। बच्ची एक वर्ष से पेट दर्द व पेशाब में जलन की शिकायत कर रही थी।
जांच मे पता चला कि बच्ची क्रॉस फ्यूज रेनल एक्टोपिया नामक दुर्लभ जन्मजात गुर्दे की समस्या से ग्रसित थी। इससे पथरी बन जाने के कारण उसकी परेशानी बढ़ती जा रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गत दो दिसंबर को बच्ची की सफल सर्जरी कर पथरी को लेजर मशीन से तोड़ा गया। सर्जरी करने वाली टीम में यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. अभय (एनेस्थेटिस्ट), डॉ. रविराज (सर्जरी रेजिडेंट), कृष्णा गुर्जर, बीना, एस जयपाल (नर्सिंग स्टॉफ) व लक्ष्मी शामिल रहे। शुक्रवार को बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि यह एक जन्मजात विकृति है, जिसमें दोनों किडनी शरीर के एक ही ओर स्थित होकर एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं। एक किडनी अपनी सामान्य स्थिति छोड़कर दूसरी तरफ चली जाती है, इससे शरीर की आंतरिक संरचना बदल जाती है। एम्स की निदेशक प्रो. अमिता जैन ने सर्जरी करने वाली टीम को बधाई दी है। (संवाद)