रायबरेली। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में डेढ़ साल में मिलावटखोरों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर चर्चा हुई। सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने रिपोर्ट लगते कहा कि डेढ़ साल में खाद्य पदार्थों के 608 नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया। इसमें 227 नमूने खराब मिले, जबकि 47 नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया।
एडीएम कोर्ट से 35 मिलावटखोरों पर 14.33 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। एसीजेएम कोर्ट से भी एक कारोबारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा। उन्होंने बताया कि जिला कारागार, पुलिस लाइन, फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी, निफ्ट, एनटीपीसी को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के तहत ईट राइट कैंपस के रूप में प्रमाणित कराया गया।
नवीन मंडी स्थल लालगंज को क्लीन एंड फ्रेश फ्रूट एंड वेजिटेबल मार्केट के साथ ही कई मंदिरों को भी प्रमाणित कराया गया। बैठक में एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने आबकारी, उद्यान, बाल विकास पुष्टाहार, खाद्य एवं रसद विभाग से संबंधित प्रतिष्ठानों के पंजीयन कराने के निर्देश दिए। कांवड़ मार्ग के सभी मांस प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्या, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव, एफएसओ महेंद्र यादव, संजय त्रिपाठी, अभय प्रताप सिंह, सुमांशु सचान, शेफाली रस्तोगी, कंचनलता तिवारी आदि मौजूद रहे।