रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली में टेंडर को लेकर अधिशासी अधिकारी (ईओ) और पालिकाध्यक्ष में ठन गई है। ईओ ऑनलाइन तो पालिकाध्यक्ष ऑफलाइन टेंडर कराने के पक्षधर हैं। इसी को लेकर तनातनी हो गई है। इस वजह से पालिका बोर्ड के फंड होने से वाले कार्य रुक गए हैं। दोनों के बीच गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ तो इसका असर शहर के अन्य विकास कार्यों पर पड़ेगा।
शहर के 34 वार्डों में ढाई लाख की आबादी रहती है। पालिका के बोर्ड फंड से इन वार्डों में इंटरलाॅकिंग, सड़क मरम्मत, खड़ंजा समेत अन्य कार्य कराए जाते हैं। इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया होनी है। देवानंदपुर के सभासद जय प्रकाश वर्मा, दक्षिणी जहानाबाद के संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ऑफलाइन और ऑनलाइन टेंडर कराने के चक्कर में सड़क मरम्मत से लेकर नाली निर्माण कार्य तक के कार्य प्रभावित हैं। इससे नागरिकों को परेशानी हो रही है।
फीरोज गांधी नगर के सभासद परमजीत सिंह गांधी, नया पुरवा के सभासद मो. हुसैन ने बताया कि शहर में जलभराव हो जाता है। नाली का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सड़कें खस्ताहाल हैं, जिन पर चलना मुश्किल है। विकास कार्यों पर प्राथमिकता होनी चाहिए।
नियम के तहत होगा काम
10 लाख बजट तक के कार्यों के टेंडर ऑफलाइन कराने का नियम है। बावजूद ईओ नियमों के विपरीत ऑनलाइन टेंडर कराना चाहते हैं। इसलिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है। 10 लाख बजट तक के कार्यों की ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया नहीं होने दी जाएगी। शहर का विकास कराना पहली प्राथमिकता है।
- शत्रोहन सोनकर, नगर पालिकाध्यक्ष
ऐसा नहीं है कोई नियम
विकास कार्यों में पारदर्शिता बरतने के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया होने से कार्यों की गुणवत्ता ठीक नहीं रहती है। ऐसा कोई शासनादेश नहीं है कि 10 लाख तक के कार्यों के लिए ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया कराई जाए।
स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद रायबरेली