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..उधर श्रीराम तो इधर बम-बम बोले की गूंज से बदली सियासी फिजा

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रायबरेली। गढ़ और अपने संसदीय क्षेत्र की जनता वही थी। पर वक्त का नजारा इस बार कुछ बदला सा बदला था। राहुल का न सिर्फ हाव, भाव अलग दिख रहा था, बल्कि उनके माथे पर लगा टीका सब कुछ बयां कर रहा था। यानि उधर, श्रीराम (विरोधी पक्ष) तो इधर बम-बम भोले की गूंज अलग सियासी फिजा का संदेश दे रही थी।
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जगह-जगह लगाए गए बैनरों में राहुल को शिवभक्त दर्शाया जा रहा था। बाकायदा उनके गले में चुनरी पड़ी थी और बैनरों में लिखे गए संदेश भी बदलते मायने को साफ बयां कर रहे थे। राहुल के साथ ही पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता साफ पार्टी की छवि को बदलने का संदेश दे रहे थे और बम-बम भोले के नारे गूंज रहे थे।

अमेठी संसदीय क्षेत्र के फुरसतगंज से पहले नहर कोठी चौराहा पर कांवरियां संघ की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां पर लगे बैनर में मानसरोवर की यात्रा के बाद पहली बार अमेठी आने पर राहुल गांधी का स्वागत करने की बात लिखी थी। घड़ी की र्सुई करीब 12 बजे पहुंची ही थी कि राहुल का काफिलापहुंचता है। वहां पर बम-बम भोले के जयकारे गूंज उठते हैं।
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राहुल को भी इससे कोई हिचक नहीं थी। बदलती सियासी पारी को आगे बढ़ाते हुए राहुल भी पीछे नहीं रहे। राहुल को चुनरी पहनाई गई। साथ ही भगवान शंकर की प्रतिमा को प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट किया गया।

राहुल कांवरियों से मिले। उनका आभार जताया और आगे बढ़ गए। सिर्फ यहीं पर नहीं, बल्कि जायस तक लगाए गए बैनरों में राहुल को शिवभक्त दिखाया गया था। राहुल का अंदाज भी बदला था। सबसे विनम्रता से मिलते।

संसदीय क्षेत्र की जनता से भावनात्मक रिश्ता जोड़ते और आगे बढ़ते। पुरुष, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से मिलते। मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान में आरएसएस पर निशाना जरूर साधा, लेकिन वह हिंदुत्व रंग में नजर आए और बदली छवि से जनता को मुंह से कुछ बोलने के बजाय सब कुछ बताने का कार्य किया।

ढोल नगाड़ों के बीच राहुल का इस्तकबाल
मानसरोवर यात्रा के बाद पहली बार संसदीय क्षेत्र पहुंचे राहुल गांधी का ढोल नगाड़े के बीच इस्तकबाल हुआ। जनता ने फूल मालाओं से लादकर राहुल का स्वागत किया। राहुल ने भी जनता को निराश नहीं किया। किसी से गले मिले तो किसी से कुशल क्षेम पूछा और आगे बढ़ते रहे। नहर कोठी चौराहे के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात के बाद राहुल जायस कस्बा पहुंचे। नौगजी चौराहा से राहुल गांधी पैदल उतरकर कार्यक्रम स्थल मलिक मोहम्मद जायसी शोध संस्थान पहुंचे। इस दौरान उनका जोरदार स्वागत हुआ।
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