रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग ने पहले अपने स्कूलों में किताबें बंटवाईं। अब माध्यमिक स्कूलों की याद आई है। इसमें भी अभी दो-तीन दिन लग सकते हैं। यानी कि सोमवार से माध्यमिक विद्यालयों को किताबें मिलनी शुरू होंगी। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 23770 छात्र-छात्राओं में लगभग 2.15 लाख पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाना है जिसके लिए गुरुवार से आपूर्ति शुरू कर दी गई।
जल्द से जल्द छात्र-छात्राओं में पाठ्य पुस्तकें बांट दी जाएं, इसके लिए सभी ब्लॉक संसाधन केंद्रों को किताबें उपलब्ध कराई गईं जहां से बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं कंपोजिट स्कूलों में किताबें पहुंचाई गईं। माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों की तरफ ध्यान ही नहीं दिया गया। परिषदीय विद्यालयों में किताबें पहुंचाने के बाद अब माध्यमिक विद्यालयों की याद आई है।
जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 23770 छात्र-छात्राओं में लगभग 2.15 लाख पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाना है। इसमें कक्षा छह के बच्चों में 64470, कक्षा सात में 63270 एवं कक्षा आठ में 87390 किताबें बांटी जाएंगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने इन किताबों की आपूर्ति माध्यमिक शिक्षा विभाग को देनी शुरू कर दी है। हालांकि ये सारी किताबें तीन चरणों में यानी शनिवार तक डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएंगी। ऐसे में सोमवार से माध्यमिक विद्यालयों को किताबें मिलनी शुरू हो सकती हैं।
जिले में दो लाख 97 हजार 169 छात्र-छात्राओं में किताबों का वितरण होना है। इसके लिए लगभग 16 लाख 40 हजार पाठ्य पुस्तकों और लगभग तीन लाख 81 हजार कार्य पुस्तिकाओं की जरूरत पड़ेगी। यानी कि लगभग 20 लाख 22 हजार किताब-कॉपी बांटी जानी है।
परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में शत-प्रतिशत पाठ्य पुस्तकों का वितरण किए जाने का दावा किया गया है। कार्य पुस्तिकाओं का वितरण कार्य अभी बाकी है क्योंकि आपूर्ति अभी शत-प्रतिशत नहीं हो पाई है।
जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) डॉ. संजीव गुप्ता का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में किताबें बांटी जा चुकी हैं। अब माध्यमिक विद्यालयों के लिए पाठ्य पुस्तकें डीआईओएस कार्यालय भेजी जाने लगी हैं।
अगले दो दिन में मांग के सापेक्ष सारी किताबें पहुंचा दी जाएंगी ताकि माध्यमिक विद्यालयों में भी जल्द से जल्द किताबें बांटी जा सकें। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पाठ्य पुस्तक वितरण का कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है।