विधानसभा चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के छठे दिन शनिवार को तीन बसपा प्रत्याशियों समेत 15 उम्मीदवारोें ने परचा दाखिल किया। लाव-लश्कर के साथ प्रत्याशी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिसके चलते डिग्री कॉलेज चौराहे पर जाम की स्थिति रही।
यही नहीं खाकी की ढिलाई के चलते आचार संहिता की धज्जियां भी उड़ाई गई। नामांकन कक्ष के बाहर तक समर्थक नारेबाजी करते नजर आए। पूर्वाह्न 11 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू कराई गई। रायबरेली सीट से बसपा प्रत्याशी मो. शहबाज ने लाव लश्कर के साथ दो सेट में नामांकन किया।
अशर्फीलाल, मो. शहनवाज इनके प्रस्ताव रहे। रायबरेली विधान सभा सीट से ही मानवतावादी समाज पार्टी से सोनूलाल और दिनेश कुमार ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परचा भरा। सलोन विस सीट से बसपा प्रत्याशी एवं पूर्व कर आयुक्त बृजलाल पासी ने परचा दाखिल किया। इसी सीट से सियाराम ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया।
सरेनी विस सीट से बहुजन मुक्त पार्टी से कमलेश कुमार और अशोक कुमार ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। बछरावां विस सीट से विक्रांत अकेला ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया।
इसी सीट से मानवतावादी समाज पार्टी से मंजू देवी और राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी से चंद्रिका ने नामांकन किया। हरचंदपुर विस सीट में पीस पार्टी से सुनील तिवारी, इंडियन मुस्लिम लीग से मो. इमरान, भारत क्रांति रक्षक पार्टी से हरिश्चंद्र वर्मा और राष्ट्रीय लोकदल से नारेंद्र यादव ने परचा भरा।
ऊंचाहार विधानसभा सीट से बहुजन मुक्त पार्टी के प्रत्याशी मो. जुबैर ने नामांकन किया। राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी नारेंद्र यादव हरचंदपुर विस सीट से नामांकन जमा करने पहुंचे थे। तय समय पर पहुंचने के बाद भी नारेंद्र को यह कहते हुए नामांकन करने से रोक दिया गया कि समय पूरा हो गया है।
यही नहीं वहां पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेटों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इससे प्रत्याशी, उनके समर्थकों के बीच पुलिस कर्मियों से कहासुनी हुई। हालांकि बाद में नारेंद्र यादव का नामांकन कराया गया।
स्टेटिक मजिस्ट्रेट सुधाकांत मिश्रा और कलेक्ट्रेट में मौजूद कुछ वकीलों से कहासुनी भी हुई। इससे कुछ देर अफरातफरी रही। कलेक्ट्रेट में ही वकील बैठकर अपना कार्य निपटा रहे थे। उम्मीदवारों के प्रस्तावक कागजात पूर्ण कराने के लिए वकीलों के पास जा रहे थे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने ऐसा करने से रोका तो कहासुनी हुई।