रायबरेली में मंगलवार को जहानपुर कोडऱ गांव में इस तरह बदहाल स्टैंड पोस्ट में ग्रामीणों ने मवेशियों को बांध रखा।
- फोटो : अमर उजाला
पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जिले में 15 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से लगाए गए 260 सोलर वाटर प्लांट लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ज्यादा सोलर प्लांट खराब हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
हालात यह हैं कि जलापूर्ति के लिए लगाए स्टैंड पोस्ट मवेशियों को बांधने के काम आ रहे हैं। इतना ही नहीं जल निगम के एक्सईएन ने ठेकेदार को सोलर प्लांट बनवाने के लिए कई बार आदेश भी दिया, लेकिन खराब सोलर वाटर प्लांटों को ठीक नहीं कराया गया।
जिले में 260 सोलर प्लांट 15 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से लगाए गए थे। एक सोलर प्लांट से लगभग 20 स्थानों पर स्टैंड पोस्ट बनाए गए थे। अफसरों की लापरवाही के चलते एक दिन भी स्टैंड पोस्ट से पानी नहीं निकला। अब स्टैंड पोस्ट मवेशियों को बांधने के काम आ रहे हैं।
राही ब्लॉक क्षेत्र के जहानपुर कोड़र गांव में पांच सोलर प्लांट लगाए गए हैं। यहां पर तीन प्लांट खराब है। जो ठीक भी है उनके स्टैंड पोस्ट तक पानी नहीं पहुंचता है। सोलर प्लांट के पास ही पानी बहता रहता है। गढ़ी मुतवल्ली गांव में पांच प्लांट लगाए हैं, इनमें से चार प्लांट खराब है।
इसी तरह सतांव ब्लॉक क्षेत्र के जैतीपुर, देदौर, दरीबा गांव में लगे सोलर प्लांट खुद प्यासे हैं। जलनिगम के अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से सोलर प्लांट की मरम्मत नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जल निगम के एक्सईएन जर्नादन सिंह का कहना हे कि खराब सोलर प्लांटों को संबंधित जेई और ठेकेदार को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। जिस गांव में सोलर प्लांट खराब पाए जाते हैं। संबंधित अवर अभियंता और ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। गर्मी में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का पूरा किया जा रहा है।