30 साल पहले शहर क्षेत्र के पीएसी के पास एक स्कूल को मान्यता दी गई थी। लेकिन 10 साल से यह स्कूल लापता है। जिस स्थान पर यह स्कूल स्थापित हुआ था, उस स्थान पर नगर पालिका की ओर से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया है।
स्कूल की ओर से जारी की गई एक टीसी सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। यह स्कूल संबंधित स्थान पर ढूंढे नहीं मिल रहा है। बीएसए ने बीईओ से स्कूल के संबंध में पूरी रिपोर्ट मांगी हैं।
वर्ष 1986 में संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल निकट पीएचसी रायबरेली को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मान्यता दी गई थी। कुछ वर्षों तक स्कूल संचालित रहा, लेकिन बाद में लापता हो गया। बताते हैं कि पीएसी के पास जिस स्थान पर यह स्कूल संचालित किया गया था।
वह जमीन नगर पालिका की थी। वर्ष 2010 में नगर पालिका ने संबंधित जमीन पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगा दिया है। स्कूल तो लापता है और संबंधित स्थल पर उसका नामोनिशान नहीं है, लेकिन स्कूल की ओर से टीसी जारी की गई है।
बताते यहां कि हैं कि विभाग की ओर से स्कूल के संचालन के लिए स्थल परिवर्तन के संबंध में कोई आदेश भी जारी नहीं किया गया है। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। बीएसए ने बीईओ नगर शशि प्रभा पांडेय को पत्र जारी करके इस स्कूल के संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
हालांकि पूर्व में भी तत्कालीन बीईओ ने मौके पर स्कूल के न होने की रिपोर्ट दी थी। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी का कहना है कि संजय स्मारक जूनियर हाईस्कूल निकट पीएसी के संबंध में बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। पूर्व की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित स्थल पर स्कूल नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की ओर से टीसी भी जारी की जा रही है।