रायबरेली। नगर पंचायत सलोन में 20 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ दे दिया गया। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की टीम ने पहुंचकर पड़ताल की तो मनमानी पकड़ में आ गई।
पक्के घर वालों को पात्र दिखाकर आवास के लिए पहली किस्त दिला दी गई। नगर पंचायत के अधिकारी को संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई व अपात्रों से वसूली के निर्देश दिए गए हैं। इससे हड़कंप मच गया है।
डूडा के इंजीनियर शुभम सिंह, कुलदीप सिंह, विनीत कुमार यादव आदि नगर पंचायत सलोन में पीएम आवासों की जांच करने पहुंचे तो 20 ऐसे लाभार्थी मिले जिनके पक्के मकान थे।
इसके बाद भी नगर पंचायत के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें पीएम आवास के लिए पात्र बना दिया। नगर पंचायत से पात्रता की सूची आने के बाद लाभार्थियों को आवास के लिए पहली किस्त भी दे दी गई।
जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद डूडा के परियोजना अधिकारी ने नगर पंचायत सलोन के अधिशासी अधिकारी को पत्र जारी कर अपात्रों को पात्र बनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही अपात्रों से वसूली के भी निर्देश दिए हैं।
जांच में इन लाभार्थियों के लिए पक्के मकान
डूडा की टीम की जांच में सलोन नगर पंचायत के पैगंबरपुर पश्चिमी में बिंदेश्वरी, शाहजहां, रज्जनलाल, सुशीला देवी, कांती देवी, भोगना, विकास नगर में सुफेल अहमद, रिजवान अहमद, मिल्कियाना पश्चिमी में नसरीन बानो, शिव सहाय, शकुंतला, चौधराना में रिजवाना बेगम, वली मोहम्मद, कच्ची मस्जिद में संतोष कुमार, हसीब खां, मिया साहब का फाटक में शेर मोहम्मद, अख्तरून निशा, गोहरी में अब्दुल अजीज, विकास नगर में रिजवान अहमद व नूरजहां के पक्के आवास पाए गए हैं।
नगर पंचायत सलोन में टीम भेजकर आवासों व लाभार्थियों की जांच कराई गई है। इसमें 20 ऐसे लाभार्थी मिले हैं जिन्हें नगर पंचायत ने पात्र बना दिया, लेकिन उनके पास पक्के मकान पहले से उपलब्ध है। मामले में अधिशासी अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
सुधाकांत मिश्रा, पीओ, डूडा