रायबरेली। जिले की 111 ग्राम पंचायतों में वर्षों पहले बनवाए गए पंचायत भवन जर्जर हो गए हैं। पंचायत भवनों की रिपोर्ट आने के बाद सीडीओ ने जांच के लिए टीमें गठित कर दी हैं। 18 टीमों में 36 अधिकारियों को शामिल किया गया है।
टीमों को पंचायत भवनों की मरम्मत व दोबारा निर्माण से संबंधित रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। यदि मरम्मत हो सकती है तो इस्टीमेट भी देने के आदेश दिए हैं ताकि पंचायत भवनों को दुरुस्त कराया जा सके।
जिले की 988 ग्राम पंचायतों में से 111 में पूर्व में बनाए गए पंचायत घर जर्जर हो गए हैं। नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद पंचायत भवन न होने के कारण ग्राम पंचायतों की कार्यवाही स्कूलों व अन्य स्थलों पर करनी पड़ रही है। सीडीओ ने जिले में जर्जर पंचायत घरों की रिपोर्ट सहायक विकास अधिकारियों से मांगी थी।
रिपोर्ट आने के बाद अब पंचायत भवनों की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। दो-दो अधिकारियों की टीम में 36 अफसरों को शामिल किया गया है। सभी को जांच पूरी करके जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं ताकि पंचायत घरों का कायाकल्प कराया जा सके।
जिले के अमावां ब्लॉक में 11, बछरावां में पांच, छतोह में चार, डलमऊ में चार, दीनशाह गौरा में तीन, डीह में छह, हरचंदपुर में पांच, जगतपुर में चार, खीरों में नौ, लालगंज में चार, महराजगंज में नौ, राही में 13, रोहनियां में चार, सलोन में चार, सरेनी में आठ, सतांव में सात, शिगवढ़ में पांच और ऊंचाहार में छह पंचायत भवन जर्जर हैं। टीमों को इन्हीं भवनों की जांच करके रिपोर्ट देनी है।
सीडीओ ईशा प्रिया ने बताया कि जिले में जो भी जर्जर पंचायत भवन हैं, उनकी जांच के लिए टीमें बनाई गई हैं। यदि भवनों की मरम्मत से काम चल सकता है तो जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी जिससे ग्राम पंचायत की कार्यवाही पंचायत घरों में हो सके।