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कारखाने के गेट पर बैठकर कर रहे हैं अफसरों का घेराव

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लालगंज (रायबरेली)। बीमार होने के बाद सोमवार को मॉडर्न रेल कोच कारखाने के एक कर्मचारी की मौत हो गई। जिसे समय से चिकित्सा और सुविधाएं न मिल पाने का आरोप लगाते हुए कारखाने के साथी कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारी के निधन से आक्रोशित साथियों ने कारखाना परिसर के गेट नंबर दो पर छुट्टी के बाद प्रदर्शन कर अधिकारियों का घेराव किया।
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कर्मचारियों ने इलाज में लापरवाही के लिए जिम्मेदार कारखाने के अस्पताल के डॉक्टर व सीएमएस को तत्काल निलंबित किए जाने और अस्पताल में पूरी तरह से चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने वार्ता करने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक विफल रहे।

आंदोलित कर्मचारियों ने बताया कि बिहार के समस्तीपुर निवासी ललित कुमार सुमन कारखाने के सिविल इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट में टेकभनीशियन के पद पर तैनात थे। रविवार की रात 11 बजे ललित की तबियत खराब हो गई थी। इस पर कारखाने के आवासीय परिसर स्थित अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था।
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सुबह चार बजे डॉक्टरों ने उसे जवाब दे दिया और उसे केजीएमयू लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था। रेफर करने के बाद जब अस्पताल में मौजूद एंबुलेंस के लिए बात की गई तो वह नहीं मिली। करीब तीन घंटा इंतजार करने के बाद सुबह सात बजे कर्मचारी को एंबुलेंस मुहैया कराई गई। उसके बाद उसे केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया गया। जहां सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

साथी की मौत की सूचना मिलने पर कर्मचारी आक्रोशित हो गए। ड्यूटी समाप्त होने के बाद आक्रोशित कर्मचारी प्रशासनिक भवन जाने वाले रास्ते में बैठ गए और कारखाने के अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों का आरोप है कि मृतक कर्मचारी की एंबुलेंस में कोई डॉक्टर नहीं गया था।

अस्पताल में तैनात डॉक्टरों की लापरवाही और एंबुलेंस देर से मुहैया कराए जाने पर कर्मचारी की मौत हुई है। धरना दे रहे कर्मचारियों ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सस्पेंड किए जाने और अस्पताल में सभी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की। यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारी के शव और उसके परिवार को यहां से रवाना कर दिया गया है।

कारखाने के प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एके जैन व उनके साथ मुख्य जनसंपर्क अधिकारी व जीएम के सचिव आरपी शर्मा ने कर्मचारी नेताओं से बात की और भरोसा दिलाया कि वे सुबह तक जांच कराकर दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। लेकिन कर्मचारी तत्काल कार्रवाई को लेकर अड़े रहे।
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