उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रोन्नति का रास्ता अब और आसान हो गया है।
कार्मिक विभाग ने पदोन्नति नियमावली में संशोधन संबंधित शासनादेश जारी कर दिया है।
इसके मुताबिक खाली पड़े 50 फीसदी उच्च पदों पर उसी विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमोशन के जरिए भरा जाएगा। बशर्ते कि प्रमोशन पाने वाला कर्मचारी या अधिकारी प्रोबेशन पूरा कर चुका हो।
वर्तमान में पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव संबंधित बाध्यता की वजह से बड़ी संख्या में पद खाली होने के कारण सरकार की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
यही नहीं ज्यादातर विभागों में शीर्ष पदों पर एक-एक अधिकारी पर दो-दो, तीन-तीन पद की जिम्मेदारी का बोझ है।
ऐसे में सरकार ने तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक पदोन्नति अर्हकारी सेवा नियमावली 2013 लागू करने निर्देश दिए हैं।
नियमावली के तहत इन पदों को भरने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई है। समिति 50 फीसदी पदों को भरने के लिए परिवीक्षा अवधि यानी प्रोबेशन पूरी करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को कार्मिक विभाग के सहमति से पदोन्नति देगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति में कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव और संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव को सदस्य बनाया गया है।
पदोन्नति संबंधित प्रस्ताव सरकारी महकमों को कार्मिक विभाग के माध्यम से भेजने और वापस करने का प्रावधान किया गया है। अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा काफी समय से खाली चल रहे पदों को भरने के लिए नियमावली को संशोधित या बदलाव करने की मांग जा रही थी।