प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में चार साल पुराने विज्ञापन के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने जा रही है। 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए हुई इस परीक्षा के तहत अब केवल शिक्षाशास्त्र विषय का रिजल्ट बाकी रह गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अगली भर्ती का इंतजार है। इसके लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को असिस्टेंट प्रोफेसर के 2016 पदों का अधियाचन मिल चुका है और भर्ती की तैयारी भी शुरू हो गई है। आयोग जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर सकता है।
हालांकि, महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट न होने के कारण विज्ञापन जारी होने में देर हो रही है। उच्च शिक्षा निदेशालय से सबसे पहले आयोग को 1303 पदों अधियाचन भेजा था। इसके बाद अन्य 713 पदों का अधियाचन भी भेज दिया। इस तरह निदेशालय की ओर से आयोग को अब तक 2016 पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है। लेकिन, निदेशालय ने आयोग को जो अधियाचन भेजा था, उसमें महिलाओं के आरक्षण को लेकर स्थिति सपष्ट नहीं थी।
इस पर आयोग ने निदेशालय से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। निदेशालय से शासन को पत्र भेजकर इस मामले में दिशा-निर्देश मांग लिए थे। सूत्रों का कहना है कि इस बाबत शासन की ओर निदेशालय को कोई पत्र भेजा गया है और भर्ती शुरू करने में आ रही अड़चन जल्द ही दूर हो सकती है।
इस बीच 29 अक्तूबर को प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि प्राचार्य भर्ती परीक्षा के बाद यूपीएचईएससी की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर की नई भर्ती का विज्ञापन निकालकर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जा सकते हैं। आयोग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा का कहना है कि क्षैतिज आरक्षण के मसले पर जल्द ही शासन से दिशा-निर्देश मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अभ्यर्थियों को असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। जल्द ही विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे जाएंगे।
शिक्षाशास्त्र के रिजल्ट का रास्ता साफ
विज्ञापन संख्या 47 के तहत केवल शिक्षाशास्त्र विषय का अंतिम चयन परिणाम बाकी रह गया है। इस विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के 100 पदों पर भर्ती का रिजल्ट डिग्री के विवाद के कारण फंसा हुआ था। विवाद इस बात का था कि एमए शिक्षाशास्त्र और एमड की डिग्री को एक समान माना जाए या नहीं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। कोर्ट की ओर से अभ्यर्थियों को राहत दिए जाने के बाद रिजल्ट का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय के आदेश पर इस विषय की भर्ती के लिए 21 अक्तूबर को दो अन्य अभ्यर्थियों के साक्षात्कार की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। सूत्रों का कहना है कि आयोग बहुत जल्द शिक्षाशास्त्र विषय का अंतिम चयन परिणाम जारी कर सकता है।