अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी नेे बृहस्पतिवार को बताया कि 20 अक्तूबर तक सेटेलाइट के जरिये मिली इमेज के अनुसार इस वर्ष पराली जलाने की 419 घटनाएं सामने आई हैं। एक साल पहले इसी अवधि में 506 घटनाएं हुई थी। इस तरह वर्ष 2019-20 की तुलना में इस वर्ष पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे गौशालाओं में पराली भिजवाना सुनिश्चित करें। अभी तक अलीगढ़ में 9920 टन, मथुरा में 8000, मेरठ में 800, शाहजहांपुर में 395, पीलीभीत में 137, हापुड़ में 116 और श्रावस्ती में 110 टन पराली गौशालाओं को भेजी गई हैं।