सीओ जिया उल हक की हत्या के बाद बिलखती पत्नी। फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
रामपुर का चर्चित सीओ भी आया था रडार पर
इस प्रकरण में रामपुर में तैनात रहे एक चर्चित सीओ की भूमिका की भी सीबीआई ने पता लगाया था। दरअसल, जिया उल हक की हत्या के बाद एक काबीना मंत्री के करीबी सीओ ने रात में ही रामपुर से प्रतापगढ़ जाकर राजा भैया को घटना मास्टरमाइंड बताने का भ्रम फैलाया था। सीओ की इस हरकत से सीबीआई के अधिकारी भी हैरान रह गए थे। घटना के तुरंत बाद तत्कालीन एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार ने भी प्रतापगढ़ जाकर राजा भैया की भूमिका की गहनता से पड़ताल करने का अधिकारियों को निर्देश दिया था।
अधिकारियों से बातचीत करतीं जिया उल हक की पत्नी। फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री के पास जाकर दी थी सफाई
बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन सपा सरकार में मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास जाकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया था और इससे कोई वास्ता नहीं होने की बात कही थी। हालांकि बाद में उन्होंने खुद ही मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। सीबीआई, दिल्ली के एडिशनल एसपी एसएस गुरुम ने इस प्रकरण की जांच के दौरान राजा भैया, अक्षय प्रताप सिंह और गुलशन यादव से तीन दिन तक प्रतापगढ़ में पूछताछ की थी। बाद में राजा भैया ने अदालत से खुद नार्को टेस्ट कराने का अनुरोध किया था। दिल्ली में हुए नार्को टेस्ट में भी उनकी संलिप्तता का कोई खुलासा नहीं होने पर उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी।