सोरांव के करीब एंबुलेंस एक बोर्ड से टकरा गई। जिससे एंबुलेंस में सवार पिटाई से घायल सईद का भतीजा नफीस चोटिल हो गया। ईएमटी व चालक बच गए। घायलों को सोरांव स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल सईद का परीक्षण करने के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर परिजन सोरांव पहुंचे और शव लेकर शुक्रवार की सुबह घर लौटे। शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन रोने बिलखने लगे।
आक्रोशित परिजन मौके पर पहुंची पुलिस को खरीखोटी सुनाने लगे। थानाध्यक्ष ने किसी तरह सभी को समझा बुझाकर शांत कराया। मृतक सईद के पिता इदरीश की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी अख्तर, अफसर और सुहैल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। शाम को शव को गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। कोहड़ौर थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी भोर में बोलेरो से भागे हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
मछली व चंदे को लेकर हुआ था विवाद
मृतक के पिता इरशाद के अनुसार तीन दिन पहले मंगलवार को मदाफरपुर बाजार में रोजा इफ्तार व सहरी खिलाने में चंदे के मामले को लेकर सईद की अख्तर से भिड़ंत हुई थी। लोगों ने बीचबचाव कर विवाद खत्म कर दिया था। बाजार के लोगों के अनुसार पिछले जुमे की नमाज के बाद सईद ने अख्तर से कहा कि तुम मरी मछली लाए थे। उसे जिंदा खाया जाता है। इस बात पर भी उनके बीच विवाद हुआ था।
प्रधान बनने का सपना रह गया अधूरा
दो वर्ष पहले संपन्न पंचायत चुनाव के बाद सईद ने प्रधान बनने के लिए मेहनत शुरू कर दी थी। पिता की सीमेंट-रेता का कारोबार है। भाई ने बाजार में ही टाइल्स की दुकान खोल रखी है। इतना ही नहीं दो नए ट्रैक्टर भी लाया था। जिससे लोगों का खेत केवल डीजल पर ही जोत रहा था। मगर उसका सपना पूरा नहीं हो सका।
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सईद अपने भाई व बहन में सबसे बड़ा था। पति का शव देख पत्नी चांदनी बानो बेहोश हो जा रही थी। हर कोई बेटे हसनैन, बेटी मरियम व छोटे बेटे अहमद व रजा को ही निहार रहा था। सभी अपने पिता के शव से लिपटकर रोते रहे। मां व पिता भी बेटे की हत्या से टूट चुके हैं।